Sports

दक्षिण अफ्रीका ने पहला टेस्ट मैच 72 रनों से जीता, फिलेंडर की घातक गेंदबाजी

केपटाउन। वर्नोन फिलेंडर की घातक गेंदबाजी (42/6) की मदद से दक्षिण अफ्रीका ने सोमवार को पहले टेस्ट मैच में भारत को 72 रनों से हरा दिया। 208 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत चौथे दिन भारत की दूसरी पारी 42.4 ओवरों में 135 रनों पर सिमट गई। इसी के साथ दक्षिण अफ्रीका ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई।

इससे पहले द. अफ्रीका की दूसरी पारी मात्र 130 रनों पर सिमट गई। द. अफ्रीका को पहली पारी में 77 रनों की बढ़त मिली थी। भारत को दूसरी पारी में पहला झटका मॉर्केल ने दिया जब उन्होंने शिखर धवन (16) को स्थानापन्न खिलाड़ी मॉरिस के हाथों झिलवाया। इसके बाद विजय 13 रन बनाकर फिलेंडर की गेंद पर तीसरी स्लिप में डीविलियर्स द्वारा लपके गए। मॉर्केल ने पुजारा (4) को विकेटकीपर डी कॉक के हाथों झिलवाया।

अब उम्मीदें विराट कोहली पर टिक गई थी, लेकिन वे 28 रन बनाकर फिलेंडर की गेंद पर एलबीडब्ल्यू हुए। विराट ने रिव्यू लिया, लेकिन फैसला उनके खिलाफ ही गया। रोहित लगातार दूसरी बार असफल रहे और जब वे 10 रनों पर थे तब फिलेंडर ने उन्हें बोल्ड किया। हार्दिक पांड्‍या ने पहली पारी में तूफानी 93 रनों की पारी खेली थी, लेकिन वे दूसरी पारी में मात्र 1 रन बनाकर डीविलियर्स द्वारा खूबसूरती से लपके गए, सफल गेंदबाज थे कगिसो रबाडा। रबाडा ने रिद्धिमान साहा को एलबीडब्ल्यू कर भारत को सातवां झटका दिया।

82/7 की विषम स्थिति के बाद रविचंद्रन अश्विन (37) और भुवनेश्वर कुमार (13 नाबाद) ने आठवें विकेट के लिए 49 रन जोड़कर कुछ हद तक प्रतिकार किया। इसके बाद फिलेंडर ने एक ही ओवर में तीन झटके देते हुए भारतीय पारी को 135 रनों पर समाप्त कर दिया। विकेटकीपर डी कॉक ने फिलेंडर की गेंद पर स्टंप के पास खड़े रहकर विकेटकीपिंग की और उन्होंने अश्विन का शानदार कैच लपका। इसके दो गेंद बाद फिलेंडर ने मोहम्मद शमी को दूसरी स्लिप में प्लेसिस के हाथों झिलवाया। फिलेंडर ने अगली गेंद पर बुमराह (0) को स्लिप में प्लेसिस के हाथों झिलवाया और भारत की पारी समाप्त हो गई।

प्लेसिस ने 42 रनों पर 6 विकेट लिए, यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। मोर्ने मॉर्केल ने 39 रनों पर 2 और कगिसो रबाडा ने 41 रनों पर 2 विकेट लिए।

इसके पूर्व द. अफ्रीका ने चौथे दिन दूसरी पारी में 65/2 से आगे खेलना शुरू किया। शमी ने मेजबान टीम को पहला झटका देते हुए अमला को रोहित शर्मा के हाथों कैच कराया। यह नजदीकी मामला था। मैदानी अंपायर का सॉफ्ट सिग्नल आउट था, थर्ड अंपायर ने इसे आउट करार दिया। शमी ने इसके बाद नाइट वॉचमैन कगिसो रबाडा (5) को स्लिप में विराट कोहली के हाथों झिलवाया। कैच पहली स्लिप में पुजारा के हाथों में जा रहा था, लेकिन दूसरी स्लिप में खड़े विराट ने उसे लपक लिया।

बुमराह की उपर उठती गेंद पर प्लेसिस बल्ला हटा नहीं पाए और विकेटकीपर साहा को आसान कैच दे बैठे। प्लेसिस खाता भी नहीं खोल पाए। बुमराह की झन्नाटेदार गेंद को डी कॉक ठीक से खेल नहीं पाए और गेंद बल्ले को छुती हुई विकेटकीपर साहा के दस्तानों में समा गई। भारतीय फील्डरों ने कैच की अपील की, लेकिन अंपायर रिचर्ड कैटलबरो ने नाट आउट करार दिया। भारत ने रिव्यू लिया जिसमें अल्ट्रा एज में गेंद जब बल्ले को छूकर निकली तो ‍ डिफ्लेक्शन नजर आया। इस पर डी कॉक को आउट करार दिया गया।

शमी ने वर्नोन फिलेंडर को खाता भी नहीं खोलने दिया और एलबीडब्ल्यू करते हुए पैवेलियन लौटाया। केशव महाराज ने एबी डीविलियर्स को साथ देने की कोशिश की, लेकिन अभी उनके 15 रन ही बने थे कि भुवनेश्वर कुमार ने उन्हें विकेटकीपर साहा के हाथों झिलवाया।

भुवी ने इसके बाद मोर्ने मॉर्केल (2) को चलता किया। टीम की खराब स्थिति को देखते हुए डेल स्टेन चोट के बावजूद बल्लेबाजी के लिए क्रीज पर उतरे। एबी डीविलियर्स के पास बड़ा शॉट खेलने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था और वे बुमराह की गेंद पर बाउंड्री पर भुवी द्वारा झेले गए। डीविलियर्स ने 35 रन बनाए। मोहम्मद शमी ने 28 रनों पर 3 और बुमराह ने 39 रनों पर 3 विकेट लिए। इसके अलावा हार्दिक पांड्‍या ने 27 रनों पर 2 और भुवी ने 33 रनों पर 2 विकेट लिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published.