Chhattisgarh

पूज्य मुनिश्री 108 संधान सागर जी महाराज कर रहे हैं 24 घंटे का प्रतिमायोग

अष्टमी प्रात:काल से नवमी के सुबह तक चलेगा यह प्रतिमायोग

मंडी बामोरा (विश्व परिवार)। संत शिरोमणि आचार्य श्री 108 विद्यासागर जी महाराज के परम प्रभावक शिष्य आचार्य श्री 108 संधानसागर जी महाराज मंडी बामोरा के बड़े बाबा के सामने 24 घण्टे के प्रतिमायोग (ध्यान) में बैठे हैं। पूज्य मुनिश्री अष्टमी की प्रात:काल से नवमी की प्रात:काल तक यह प्रतिमायोग लगायेेंगे। बुन्देलखंड में एक कहावत है- जाके जैसे नदिया नारे, बाके वैसे भरका, जाके जैसे बाप-मतारि बाके वैसे लड़का। आचार्य भगवन् के शिष्य श्री आचार्य श्री की तरह ज्ञान-ध्यान में श्रेष्ठ हैं। पूज्य मुनिश्री ने इससे पूर्व भी कई बार लंबे ध्यान का अभ्यास किया है। 48 घंटे, 36 घंटे, 24 घंटे , 12 घंटे खड़े होकर एवं एक आसन बैठकर पूज्य मुनिश्री ने प्रतिमायोग लगाया है। ब्रम्हाचारी अवस्था में शिखर जी के पर्वत पर खूब प्रतिमायोग लगाया। पूज्य मुनिश्री जी का कहना रहता है कि जो खानपान आदि पर नियंत्रण रखता है वहीं इस तरह के आसन आदि लगाकर प्रतिमायोग में बैठ सकता हे। पूज्य मुनिश्री का आजीवन हरी-सब्जी-फल आदि का एवं नमक और शक्कर का भी त्याग है। हम सभी ऐसे गुरूवर को पाकर धन्य हैं, पुरा समाज उनके श्रीचरणों में नमन करता है। – प्रसंग जैन
——-

Leave a Reply

Your email address will not be published.