- विशेषज्ञों ने थ्योरी और प्रैक्टिकल ज्ञान के समन्वय पर दिया जोर, प्रतिभागियों को वितरित किए गए प्रमाण पत्र
रायपुर (विश्व परिवार)। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग और कंटिन्यूइंग एजुकेशन सेल (सीईसी) के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित 12-दिवसीय औद्योगिक प्रशिक्षण कार्यशाला का शुक्रवार को भव्य समापन हुआ। “नॉलेज एन्हांसमेंट ऑफ लोको शेड टैक्नीशियन ऑफ इंडियन रेलवे” विषय पर आधारित इस कार्यशाला में भारतीय रेलवे के लोको शेड तकनीशियनों ने आधुनिक विद्युत प्रणालियों का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया।
समापन समारोह के मुख्य अतिथि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) के वरिष्ठ डीएमई श्री सौरभ सिंह थे। कार्यक्रम में डीन डॉ. एस. सान्याल, डीन डॉ. एस. गुप्ता, सीईसी चेयरमैन डॉ. एस. घोष और विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्वलन के साथ सत्र का औपचारिक समापन किया।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि श्री सौरभ सिंह ने कहा कि तकनीकी युग में मैकेनिकल से इलेक्ट्रिकल की ओर हो रहे बदलाव को समझना अनिवार्य है। उन्होंने प्रशिक्षण को ज्ञान संवर्धन का सशक्त माध्यम बताते हुए सुझाव दिया कि भविष्य में ऐसी कार्यशालाओं को और अधिक व्यावहारिक (Practical) बनाया जाए। वहीं डॉ. सचिन जैन ने बताया कि 12 जनवरी से शुरू हुई इस कार्यशाला में तकनीशियनों को वायरिंग, सुरक्षा प्रणालियों और सिंगल/थ्री फेज ट्रांसफॉर्मर जैसे महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
डॉ. एस. घोष और डॉ. एस. गुप्ता ने कार्यशाला की सफलता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम किताबी ज्ञान को वास्तविक औद्योगिक अनुभव से जोड़ने में सेतु का कार्य करते हैं। समारोह के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का समापन प्रोफेसर एस. पटनायक के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने सभी संकाय सदस्यों और प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया।





