प्रधान जिला न्यायाधीश ने बंदियों से संवाद कर समस्याओं का किया त्वरित निराकरण |
नितेश मार्क—-
दंतेवाड़ा, 22 जनवरी 2026।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य द्वारा जिला जेल दंतेवाड़ा का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती अपूर्वा दांगी एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अनन्त दीप तिर्की उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान प्रधान जिला न्यायाधीश ने जेल में निरुद्ध बंदियों से सीधे संवाद कर उनका हाल-चाल जाना तथा उनकी विधिक व व्यक्तिगत समस्याओं की जानकारी ली।
बंदियों द्वारा उठाए गए प्रश्नों एवं शिकायतों का मौके पर ही गंभीरता से संज्ञान लेते हुए त्वरित निराकरण किया गया, जिससे बंदियों में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और सुदृढ़ हुआ।
निरीक्षण में जिला जेल की सफाई व्यवस्था एवं भोजन व्यवस्था संतोषजनक पाई गई।
प्रधान जिला न्यायाधीश ने जेल अधीक्षक को स्पष्ट निर्देश दिए कि जेल नियमावली के अनुरूप बंदियों को सभी आवश्यक विधिक सुविधाएं समय पर और उचित रूप से उपलब्ध कराई जाएं।
साथ ही उन्होंने निर्देशित किया कि बंदियों को उनकी पेशी तिथियों पर संबंधित न्यायालय में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किया जाए, जिससे उन्हें अपने प्रकरणों की स्थिति की जानकारी मिल सके तथा वे अपने अधिवक्ताओं से मिलकर अपनी बात प्रभावी रूप से रख सकें।
यह औचक निरीक्षण न केवल जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं की समीक्षा का माध्यम बना, बल्कि बंदियों के अधिकारों की रक्षा और न्याय तक उनकी सुलभ पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक पहल साबित हुआ।





