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बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने पॉवरिंग इंडियाज ग्रीन ग्रोथ थीम के तहत क्लीन एनर्जी समिट 2026 का आयोजन किया

  • नवीकरणीय ऊर्जा और वित्तीय क्षेत्र के अग्रणी विशेषज्ञों के साथ स्थायीत्वपूर्ण ऊर्जा संवाद को मिला नया आयाम

मुंबई (विश्व परिवार)। भारत के अंतरराष्ट्रीय बैंक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने मुंबई में क्लीन एनर्जी समिट 2026 का आयोजन किया, जिसमें भारत के नवीकरणीय ऊर्जा इकोसिस्टम के प्रमुख हितधारकों एक साथ आए, ताकि स्थायीत्वपूर्ण ऊर्जा और हरित वित्त के भविष्य पर चर्चा की जा सके और भारत के 2030 के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों की दिशा में प्रगति को और गति प्रदान करने के उपायों पर विचार किया जा सके। पॉवरिंग इंडियाज ग्रीन ग्रोथ थीम वाले इस शिखर सम्मेलन में नवीकरणीय ऊर्जा डेवलपर्स, कॉर्पोरेट्स, वैश्विक और घरेलू निवेशकों, रेटिंग एजेंसियों, वित्तीय संस्थानों और नीति विशेषज्ञों सहित 125 से अधिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। भारत के दीर्घकालिक जलवायु प्रतिबद्धताओं तथा ऊर्जा सुरक्षा लक्ष्यों की दिशा में निरंतर प्रगति के परिप्रेक्ष्य में यह सम्मेलन स्केलेबल, विश्वसनीय और भविष्य के लिए तैयार नवीकरणीय ऊर्जा समाधानों पर चर्चा का एक समयोचित मंच बना।
उच्चस्तरीय चर्चाओं में नवीकरणीय क्षेत्रों में विकास के अवसरों, नवाचार, जोखिम प्रबंधन तथा पूंजी जुटाने जैसे अहम विषयों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. देबदत्त चांद, प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी, बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने कहा, “भारत का स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन इस दशक के सबसे महत्वपूर्ण निवेश अवसरों में से एक है। बैंक ऑफ बड़ौदा जलवायु उत्तरदायित्व के अनुरूप पूंजी प्रवाह को संरेखित कर इस यात्रा में उत्प्रेरक की भूमिका निभाने पर गर्व महसूस करता है। भारत के नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार के लिए बड़े पैमाने पर पूंजी जुटाने, अभिनव वित्तीय संरचनाओं तथा नीति-निर्माताओं, डेवलपर्स एवं वित्तीय संस्थानों के बीच घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता होगी ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि विकास संवहनीय और वित्तीय रूप से सुदृढ़ हो।
हमारा फोकस एक सुदृढ़ हरित वित्तीय इकोसिस्टम के निर्माण पर है, जो नवाचार को बढ़ावा देने के साथ-साथ सशक्त जोखिम अनुशासन भी बनाए रखे।”
श्री ललित त्यागी, कार्यपालक निदेशक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा ने कहा, “नवीकरणीय ऊर्जा अब वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत नहीं रही, बल्कि यह भारत के आर्थिक और पर्यावरणीय भविष्य की आधारशिला बन चुकी है। ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए दीर्घकालिक तथा स्थायी वित्तपोषण इस बदलाव का आधार बनेगा। बैंक ऑफ़ बड़ौदा सौर, वायु, जलविद्युत, परमाणु, हाइब्रिड एवं चौबीसों घंटे उपलब्ध नवीकरणीय परियोजनाओं को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि भारत की हरित महत्वाकांक्षाएं विश्वसनीय और स्केलेबल वास्तविकताओं में परिवर्तित हो सकें।”
क्लीन एनर्जी समिट 2026 में पैनल चर्चा नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ाने और परिवर्तन के वित्तपोषण पर केंद्रित थी: स्केलेबल, विश्वसनीय और भविष्य के लिए तैयार नवीकरणीय कंपनियों और प्लेटफार्मों का निर्माण पर पैनल चर्चा में, अडानी ग्रीन एनर्जी, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, टाटा पॉवर रेन्यूएबल एनर्जी, क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस और हिंदुजा रेन्यूएबल्स एनर्जी सहित प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों के उद्योगपतियों ने मेगावाट-स्केल परियोजनाओं से गिगावाट-स्केल प्लेटफार्मों में बदलाव, पारंपरिक पीपीए से परे विकसित हो रहे राजस्व मॉडल, और भंडारण और हाइब्रिड तकनीकों के एकीकरण पर विचार-विमर्श किया। पैनल ने निष्पादन जोखिम, बैलेंस-शीट प्रबंधन, व्यापक स्तर पर शासन तथा ग्रीन हाइड्रोजन, अपतटीय पवन और फ्लोटिंग सोलर जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए तैयारियों का भी आकलन किया।
केयर रेटिंग्स द्वारा प्रस्तुत सेक्टर आउटलुक प्रस्तुति में क्षमता वृद्धि रुझानों, पूंजी आवश्यकताओं तथा भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को प्रभावित करने वाले प्रमुख जोखिम कारकों पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गईं। वित्तपोषण से संबंधित “ग्रीन ट्रांज़िशन को फायनांसिंग करना: ग्रीन बैंकिंग में अवसर, जोखिम और इनोवेशन” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई, जिसमें एनएबीएफआईडी, आईआईएफसीएल, इंडिया इंफ्राडेब्ट, एमयूएफजी और केयरएज रेटिंग्स के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस सत्र में उभरते विश्वसनीय मानकों, ऑफटेक जोखिम आकलन, भुगतान सुरक्षा तंत्र, दीर्घकालिक ऋण संरचना, पुनर्वित्त कार्यनीतियां तथा ग्रीन बॉन्ड और ब्लेंडेड फायनांस की बढ़ती भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई।

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