मुख्यमंत्री श्री साय ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के जयघोष के साथ बाबासाहब भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संविधान दिवस पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि देश का संविधान किताब नही, ग्रंथ है जो सभी भारतवासियों को स्वतंत्रता से जीने का अधिकार देता है और अपनी बातों को मर्यादा के साथ समाज के बीच रखने की स्वतंत्रता भी देता है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, यह हमारे संविधान की महत्ता है कि एक सामान्य व्यक्ति भी देश के सर्वोच्च पद पर पहुँच सकता है। संविधान में आज सभी वर्गों के विकास की व्यवस्था समाहित है और सबका समुचित विकास हो रहा है।
श्री साय ने संविधान निर्माण में छत्तीसगढ़ की भूमिका उल्लेखित करते हुए कहा कि, संविधान के निर्माण में पूरे देश के लोगों ने भाग लिया। हमारे छत्तीसगढ़ के गौरव पंडित रविशंकर शुक्ल, बैरिस्टर छेदीलाल और डॉ. घनश्याम गुप्ता भी समिति में शामिल थे, आज के इस अवसर पर हम उन सभी को नमन करते हैं। इसके पश्चात संविधान पर आधारित 5 मिनट की लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया, संविधान की स्पिरिट दर्शाती इस लघु फ़िल्म में यह दिखाया गया कि संविधान ने किस तरह से देश के विकास की नींव रखी, जिसे उपस्थित दर्शकों ने सराहा।
कार्यक्रम में विधायक श्री राजेश मूणत, श्री पुरन्दर मिश्रा, श्री सुनील सोनी, ज़िला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, सचिव जनसम्पर्क एवं संस्कृति डॉ. रोहित यादव, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, ज़िला पंचायत सी.ई.ओ. श्री कुमार बिश्वरंजन, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।





