मध्य प्रदेश के झाबुआ में आयोजित ‘महाराज नो मेलो’ मेले में भारी लापरवाही के चलते बड़ा हादसा हो गया। उत्कृष्ट स्कूल मैदान में लगे ड्रैगन झूले की क्षमता सिर्फ 40–50 बच्चों की थी, लेकिन झूला संचालक ने एक साथ करीब 140 स्कूली बच्चों को बैठा दिया। ओवरलोड के कारण झूले के दोनों पिलर टूट गए और झूला बाउंड्री वॉल के बाहर जा गिरा।
यह घटना सोमवार दोपहर करीब 4 बजे हुई। हादसे के वक्त झूला पूरी रफ्तार पकड़ चुका था, तभी अचानक उसका संतुलन बिगड़ गया। इस दुर्घटना में कुल 29 बच्चे घायल हो गए, जिनमें से सभी 10वीं कक्षा के छात्र बताए जा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, स्कूल के बच्चों को “फ्री झूला” झुलाने का ऑफर दिया गया था, जिसके चलते बड़ी संख्या में बच्चे मेले में पहुंचे। भीड़ अधिक होने पर झूला संचालक ने सुरक्षा नियमों को नजरअंदाज करते हुए क्षमता से लगभग तीन गुना ज्यादा बच्चों को झूले पर बैठा दिया।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों की मदद से घायल बच्चों को स्कूटर और बाइक के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने तुरंत मेले को बंद करवा दिया।
घटना को गंभीर मानते हुए कलेक्टर नेहा मीना ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





