



रायपुरा नगर के महादेव घाट की बस्ती के समस्त समाज ने मिलकर हिन्दू सम्मेलन को आयोजित किया जिसमें दीप प्रज्वलन कर दीप मंत्र, गणेश मंत्र,शिव वंदना से प्रारंभ हुआ
मंच पर आसीन मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता, मातृशक्ति का श्री भगवती प्रसाद चक्रधर जी , श्री संजू साहू जी, और श्रीमती जया ठाकुर जी ” श्री नारायणी मंडली” द्वारा तिलक कर श्रीफल, शॉल भेंट कर स्वागत
मुख्य अतिथि
श्री रामरूप दास जी महात्यागी
ऋषि मांडूक्य की तपोस्थली
मदकूद्वीप मुंगेली
आशीर्वचन – प्रातकाल उठि कै रघुनाथा। मातु पिता गुरु नावहिं माथा॥
आयसु मागि करहिं पुर काजा। देखि चरित हरषइ मन राजा॥चौपाई का अर्थ है कि भगवान राम सुबह जल्दी उठकर माता-पिता और गुरु के चरणों में प्रणाम करते हैं, जो बड़ों का सम्मान करने और एक आदर्श जीवन जीने की सीख देती है, और यह पंक्ति अक्सर रामचरितमानस से ली गई है, जो मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के दैनंदिन जीवन को दर्शाती है। यह ब्रह्म मुहूर्त में उठने और बड़ों का आशीर्वाद लेने के महत्व को बताती है, जो आध्यात्मिक उन्नति के लिए महत्वपूर्ण है।
गुरू गोविंद सिंह तथा तेज बहादुर ने अपने बेटों को धर्म रक्षा के बलिदान और स्व का भाव भाषा, भुसा,भजन, भ्रमण, भोजन के में समाज के प्रबुद्धजनों मातृशक्ति को आशीर्वचन में कहा
मुख्य वक्ता
श्री धीरेन्द्र नशीने जी “अधिवक्ता”
माननीय विभाग संघचालक रायपुर
उद्बोधन – ‘पंच परिवर्तन’ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा प्रस्तावित पांच प्रमुख सामाजिक बदलावों का एक समूह है, जिसका उद्देश्य भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है; इन परिवर्तनों में सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन (पारिवारिक मूल्यों का पुनर्जागरण), पर्यावरण संरक्षण, स्वदेशी (स्वयं पर आधारित जीवनशैली) और नागरिक कर्तव्य (कर्तव्यनिष्ठ नागरिक बनाना) शामिल हैं, जो समाज के हर स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाने के लिए आवश्यक माने जाते हैं।
पंच परिवर्तन के पाँच आयाम:
सामाजिक समरसता : जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र के भेदभाव को समाप्त कर समाज में एकता और सद्भाव स्थापित करना।
कुटुंब प्रबोधन : एकल परिवार की बढ़ती प्रवृत्ति को रोककर, भारतीय संस्कृति और संस्कारों के साथ पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करना।
पर्यावरण संरक्षण : वृक्षारोपण, जल संरक्षण, प्लास्टिक का त्याग और प्रकृति के साथ सामंजस्य बिठाते हुए पर्यावरण की रक्षा करना।
स्वदेशी : अपनी संस्कृति, परंपराओं और आत्म-शक्ति को पहचानते हुए आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना, जिसमें ‘स्व’ का बोध महत्वपूर्ण है।
नागरिक कर्तव्य : अपने अधिकारों के साथ-साथ नागरिकों के कर्तव्यों के प्रति सजग होकर कानून का पालन करना और राष्ट्र निर्माण में योगदान देना।
मातृशक्ति
श्रीमती मृदुता मिश्रा जी “गृहणी”
गोकुलधाम सोसाइटी रायपुरा नगर रायपुर
उद्बोधन में हिंदू धर्म ,हिन्दू संस्कार से जन्मदिन मनाने के लिए बच्चों को बताया कि भगवान की पूजा कर दीपक जलाएं, मन्दिर जाएं ,और हिन्दी माह के नाम चैत्र, वैशाख, ज्येष्ठ, आषाढ़, श्रावण, भाद्रपद, अश्विन, कार्तिक, मार्गशीर्ष, पौष, माघ, फाल्गुन. के नाम बच्चों बताए तथा “पंच परिवर्तन “से कुटुम्भ प्रबोधन के बारे में बताया कि
पारिवारिक एकता: परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम, सहयोग और समझ बढ़ाना।
सांस्कृतिक जुड़ाव: अपनी मूल भाषा, वेशभूषा (भूषा), और सांस्कृतिक गतिविधियों (भजन, भवन, भ्रमण) को अपनाना।
सामुदायिक भागीदारी: परिवार के साथ मिलकर समाज के लिए छोटे-छोटे काम करना, जैसे पौधे लगाना या वंचित बच्चों को पढ़ाना।
संस्कारों का संचार: परिवार के भीतर संस्कारों को मजबूत करना, जो समाज को चरित्रवान बनाने में मदद करता है।
“वसुधैव कुटुम्बकम्” का आदर्श: परिवार को एक विस्तृत परिवार (विश्व) के रूप में देखना और विश्व बंधुत्व की भावना विकसित करना।
श्री नारायणी मानस मंडली, रिद्धि सिद्धि मानस मंडली,बस्ती की अन्य मंडली की मातृशक्ति द्वारा सुन्दरकाण्ड पाठ और भजन, के बाद श्री राम मूर्ति से महादेव घाट तक “कलश यात्रा” में श्रीमती निर्मला औसर, श्रीमती सूरज देवी यदु, ज्योति बिसेन, भावना, स्वरूपा पालीवाल,पंखुड़ी व्यास,अदिति ठाकुर,गायत्री साहू, सावित्री साहू,अंजनी साहू बस्ती की मातृशक्ति के द्वारा किया गया
शिवोम विद्यापीठ के बच्चों के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम में कत्थक नृत्य,तराना, छत्तीसगढ़ी नृत्य की प्रस्तुति दी
समस्त समाज से आये हुए प्रबुद्धजनों और मातृशक्ति का मंच आसीन मुख्य अतिथि, मुख्य वक्ता, मातृशक्ति ने सभी का तिलक कर श्रीफल से स्वागत अभिनंदन किया
शिवन्या तिवारी ने “खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी ” “महारानी लक्ष्मी बाई की गाथा”को बोलकर बच्चों में साहस जगाया
भारत माता की आरती
श्री राम जी की आरती के पश्चात
प्रसाद वितरण कर हिन्दू सम्मेलन संपन्न हुआ जिसमें श्री रतन लाल चक्रधर जी,श्री पीतांबर ठाकुर,श्री भगवती साहू, श्री पुरुषोत्तम सिन्हा ,श्री रितेश ठाकुर, श्री देवा ठाकुर श्री बॉबी कश्यप,श्री महेंद्र औसर, श्री संजय सिंह, श्री आशीष गोयल,श्री अश्वनी बानी श्री गणेश सोनी, श्री कमलेश सिंह श्री रविशंकर बिसेन, श्री बी पी पटेल, पंडित शिवदत्त पाण्डेय,श्री रमा शंकर बिसेन ,श्री उत्तम देवांगन श्री भरत लाल साहू, श्री विनोद बिसेन ,श्री गोवर्धन पाटीदार, उमाकांत तिवारी अरूण साहू ,योगेश दंडोते श्री किशोर वरेठवार, श्री गिरधर साहू रामदयाल साहू, श्री सुजीत सेन, अभिषेक शर्मा,राजेश यदु, सुशील साहू,राजेश्वर सैनिक,वरुण साहू, श्रीकांत तिवारी, वासुदेव देवांगन, शामिल हुए |





