मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना: युवाओं के सपनों को देे रही उड़ान

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तीन सालों में 24 हजार 613 लोगों का मिला रोजगार

रायपुर (विश्व परिवार)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल एवं कौशल विकास मंत्री श्री उमेश पटेल की पहल पर प्रदेश में कौशल विकास योजना के प्रभावी क्रियान्यवन के फलस्वरूप पिछले तीन सालों मंे 48 हजार 618 लोगांे को प्रशिक्षित किया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त 24 हजार 613 लोगों को रोजगार मिला। जिनमें से 13 हजार 362 को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार प्राप्त हुआ, तो वहीं 11 हजार 251 को स्व-रोजगार से जोड़ा गया। छत्तीसगढ़ देश का पहला ऐसा राज्य है, जिसने अपने युवाओं को उनके मनपसंद व्यवसायों में कौशल प्रशिक्षण पाने का कानूनी अधिकार दिया है।

अपने पैरों पर खड़े होना, अपने सपनों को रंग देना, अपने और अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने का सपना हर युवा देखता है। दुनिया तेजी से बदल रही है। नई तकनीकें आ रही है, रोजगार के नए क्षेत्र.सृजित हो रहे हैं। उद्योगों में भी प्रशिक्षित कामगारों की मांग बढ़ रही है। इन बदलावों के अनुरूप युवा वर्ग को तैयार कर उनका कौशल उन्नयन कर उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ना कौशल विकास योजना का मुख्य उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप युवाओं को गुणवत्तायुक्त एवं नियोजन आधारित कौशल प्रशिक्षण प्रदान किये जाने के उद्देश्य से माड्यूलर इम्पलॉयेबल स्किलस् (एमईएस) कोर्स के स्थान पर बाजार की मांग एवं आधुनिक तकनीक पर आधारित राष्ट्रीय अर्हता कौशल फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) कोर्स में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। जल संरक्षण के उद्देश्य से रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्स में प्रशिक्षण हेतु राज्य प्राधिकरण द्वारा कौशल विकास एवं उद्यमियता मंत्रालय, भारत सरकार के कोर्स की सूची में पंजीयन कराया गया है।

कौशल प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर एवं नियोक्तओं को कुशल प्रशिक्षित कामगार एक प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराने हेतु रोजगार संगी मोबाइल एप का शुभारंभ किया गया। मोबाईल एप में 14 हजार 262 कुशल युवाओं द्वारा रोजगार हेतु पंजीयन कराया गया है। प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार प्रदान करने के लिए 1 हजार 744 नियोक्ताओं द्वारा पंजीयन इस एप पर किया गया है। कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता में वृद्धि तथा बेहतर परिणाम के उद्देश्य से विश्व बैंक पोषित संकल्प (Skills Acquisition and Knowledge Awareness for Livelihood Promotion SANKALP) परियोजना का राज्य में क्रियान्वयन किया जा रहा है।

लाईवलीहुड कॉलेज के भवन निर्माण का कार्य 24 जिलों में पूर्ण कर लिया गया है। इसमें  प्रशिक्षण संबंधित गतिविधियां प्रारंभ कर दी गई हैं। लाईवलीहुड कॉलेज बालिका छात्रावास भवन निर्माण का कार्य 25 जिलों में एवं बालक छात्रावास भवन निर्माण कार्य 18 जिलों में पूर्ण हो चुका है। प्रत्येक जिले के लाईवलीहुड कॉलेज में कौशल प्रशिक्षण के पूर्व हितग्राहियों की काउंसिलिंग हेतु काउंसिलिंग सेल की स्थापना की गई है। लाईवलीहुड कॉलेज में विगत तीन वर्ष में 11506 युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है, प्रशिक्षित युवाओं में से 7039 युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार प्राप्त हो चुका है।

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