रायपुर

“कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) छत्तीसगढ़ ने केंद्रीय बजट 2026–27 में क्षेत्र-विशेष विकास की सकारात्मक गति को रेखांकित किया”

रायपुर (विश्व परिवार) कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) छत्तीसगढ़ ने केंद्रीय बजट 2026–27 में कृषि, विनिर्माण, एमएसएमई, उभरती प्रौद्योगिकियों तथा वित्तीय बाजारों में लक्षित नीतिगत हस्तक्षेपों और ठोस निवेश प्रावधानों का सकारात्मक संज्ञान लिया है। नवाचार, अवसंरचना निर्माण, कौशल विकास और पूंजी तक पहुंच पर बजट का विशेष जोर छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को सुदृढ़ करने और रोजगार सृजन में सहायक सिद्ध होगा।
केंद्रीय बजट में “चैंपियन एसएमई” विकसित करने के लिए अपनाई गई तीन-स्तरीय रणनीति—जिसमें प्रस्तावित ₹10,000 करोड़ का एसएमई ग्रोथ फंड तथा आत्मनिर्भर भारत फंड के विस्तार की घोषणा शामिल है—एमएसएमई क्षेत्र को विकास पूंजी की बेहतर उपलब्धता और विस्तार के अवसर प्रदान करेगी। इसके साथ ही TReDS में अनिवार्य भागीदारी, क्रेडिट गारंटी कवरेज को मजबूत करना, तीव्र वित्तपोषण के लिए GeM से लिंकिंग तथा रिसीवेबल्स-आधारित सेक्यूरिटाइजेशन को सक्षम करने जैसे निर्णय एमएसएमई की तरलता और कार्यशील पूंजी चक्र को सुदृढ़ करेंगे।
CII छत्तीसगढ़ ने बजट में कौशल विकास पर दिए गए विशेष ध्यान की भी सराहना की है। 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित करने की घोषणा और कार्यबल भागीदारी को सशक्त करने के प्रयासों के साथ-साथ पूर्वी क्षेत्र के लिए नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन की स्थापना तथा AVCG कंटेंट क्रिएटर लैब्स के माध्यम से डिजाइन और क्रिएटिव उद्योगों में निवेश रोजगार सृजन और उभरती क्रिएटिव इकॉनॉमी को गति देगा।
CII छत्तीसगढ़ के चेयरमैन एवं RSV Exim Pvt Ltd के मैनेजिंग डायरेक्टर श्री संजय जैन ने कहा,
“तटीय क्षेत्रों में मत्स्य मूल्य श्रृंखला को सुदृढ़ करने के उपाय तथा पशुपालन के लिए क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी कार्यक्रम से एक्वाकल्चर, डेयरी अवसंरचना और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। पशुधन किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को प्रोत्साहन से सामूहिक विपणन को मजबूती मिलेगी और किसानों को बेहतर मूल्य प्राप्ति सुनिश्चित होगी।
नारियल, चंदन, काजू, कोको और अखरोट जैसी उच्च-मूल्य फसलों को लक्षित समर्थन कृषि विविधीकरण, निर्यात और प्रसंस्करण आधारित ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देगा, जिससे भारत का प्लांटेशन और फूड प्रोसेसिंग इकोसिस्टम और मजबूत होगा।”
CII छत्तीसगढ़ के वाइस-चेयरमैन एवं Shri Bajrang Power & Ispat Ltd के डायरेक्टर श्री बजरंग गोयल ने कहा,
“इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 तथा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग सपोर्ट के विस्तार जैसी पहलों के माध्यम से उन्नत प्रौद्योगिकियों पर सरकार का निर्णायक फोकस भारत के टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम और उच्च-मूल्य विनिर्माण क्षेत्रों के लिए लाभकारी सिद्ध होगा।
पांच वर्षों में ₹10,000 करोड़ के ‘बायोफार्मा शक्ति कार्यक्रम’, NIPERs को सशक्त करने और 1,000 मान्यता प्राप्त क्लिनिकल ट्रायल साइट्स की स्थापना से अनुसंधान-आधारित उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और भारत वैश्विक नवाचार केंद्र के रूप में और सशक्त होगा।
रेयर अर्थ कॉरिडोर की घोषणा से महत्वपूर्ण खनिज मूल्य श्रृंखला और उन्नत विनिर्माण इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी, जिससे स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और रणनीतिक औद्योगिक क्षेत्रों को लाभ होगा। इसके अतिरिक्त, प्रतिस्पर्धी चुनौती मार्ग से तीन नए केमिकल पार्कों की घोषणा घरेलू रासायनिक विनिर्माण क्षमता, रोजगारयोग्यता और औद्योगिक उत्पादन को सुदृढ़ करेगी।”

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