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‘स्वस्थ नागरिक, सुरक्षित समाज’ का संकल्प है केंद्रीय बजट : शताब्दी पाण्डेय

रायपुर (विश्व परिवार)। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पाण्डेय ने संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026 का स्वागत करते हुए इसे ‘मानवीय विकास का नया अध्याय’ बताया है। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पेश किया गया यह बजट केवल आर्थिक आँकड़ों का दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक के लिए स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन की गारंटी देता है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य को केवल ‘इलाज’ की व्यवस्था से बाहर निकालकर एक सशक्त ‘सार्वजनिक प्रणाली’ बनाया है। जिला अस्पतालों की क्षमता वृद्धि और टेली-मेडिसिन के विस्तार से छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बहुल प्रदेश के दूरस्थ अंचलों तक विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएँ सुलभ होंगी। अब इलाज के लिए शहरों पर निर्भरता कम होगी, जो सामाजिक न्याय की दिशा में बड़ा कदम है। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि स्वस्थ समाज की नींव पोषण से ही संभव है। बजट में मोटे अनाज (मिलेट्स) और स्थानीय खाद्य प्रणाली को बढ़ावा देना यह दर्शाता है कि सरकार जमीन से जुड़ी समस्याओं का स्थानीय स्तर पर स्थायी समाधान निकाल रही है। आंगनबाड़ी सेवाओं को सशक्त करने की पहल से भविष्य की पीढ़ी सुरक्षित होगी। यह बजट स्वस्थ शरीर, संतुलित मन और सुरक्षित जीवन के साथ एक सशक्त भारत की नींव रखने वाला ‘विश्वास का बजट’ है। स्वास्थ्य क्षेत्र को केवल सेवा प्रदाय का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार सृजन के एक सशक्त क्षेत्र के रूप में देखने की सोच भी इस बजट में दिखाई देती है। नर्सिंग, पैरामेडिकल, सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता, पोषण कार्यकर्ता और केयर सेवाओं से जुड़े कौशल विकास से युवाओं और महिलाओं के लिए विशेषकर ग्रामीण भारत में नई संभावनाएँ खुल सकती हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती पांडेय ने विशेष रूप से महिला स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रावधानों पर जोर देते हुए कहा, “पहली बार महिला स्वास्थ्य को केवल मातृत्व तक सीमित न रखकर पूरे जीवन-चक्र के नजरिए से देखा गया है। कैंसर स्क्रीनिंग, एनीमिया से मुक्ति और कार्यस्थल पर स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रावधान महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएंगे। प्रत्येक जिला अस्पतालों में ट्रामा यूनिट आरंभ करने की बात भी बजट में की गई है। स्वयं सहायता समूहों और असंगठित क्षेत्र की महिलाओं के लिए सामाजिक सुरक्षा के नए द्वार खुलेंगे। श्रीमती पाण्डेय ने बजट की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि को रेखांकित करते हुए कहा कि बदलती जीवनशैली और दबावों के बीच ‘मानसिक स्वास्थ्य’ को मुख्यधारा का विषय बनाना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। काउंसलिंग सुविधाओं का विस्तार युवाओं और कामकाजी वर्ग के लिए वरदान साबित होगा। श्रीमती पाण्डेय ने कहा कि यह बजट ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत को चरितार्थ करता है। वृद्धजन, दिव्यांगजन और छोटे किसानों के लिए स्वास्थ्य बीमा व पेंशन योजनाओं का विस्तार यह सुनिश्चित करता है कि संकट के समय देश का ‘अंतिम व्यक्ति’ अकेला नहीं है।

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