- नोमैपिंग और लाजिकल त्रुटियों के कारण कटे लाखों नाम
रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)की प्रक्रिया लगभग पूरी होने वाली है. इसके तहत 21 फरवरी को प्रकाशित होने वाली अंतिम मतदाता सूची में प्रदेश के 19 लाख से ज्यादा वोटर्स कम हो जाएंगे। इसकी बड़ी वजह है कि जिन लोगों के नाम शिफ्टिंग, त्रुटि या एसआईआर फ ार्म नहीं भरने के कारण कटे हैं, उनमें से अधिकांश लोगों ने नाम जुड़वाने के लिए आवेदन ही नहीं किया है।
छत्तीसगढ़ में एसआईआर के तहत 27 लाख नाम कटे
एसआईआर के ड्राफ्ट रोल के प्रकाशन के बाद प्रदेश में 27.34 लाख लोगों के नाम कट गए थे। इनमें से मात्र 2.75 लाख लोगों ने ही नाम जुड़वाने के लिए आवेदन किया है। प्रदेश में एसआर्दआर के पहले 2.12 करोड़ वोटर्स थे। 23 दिसंबर को प्रारंभिक प्रकाशन के बाद करीब 13 फीसदी लोगों के नाम कट गए।
जुड़वाने के लिए आए सिर्फ 2.75 लाख आवेदन
इसके बाद नाम जुड़वाने, संशोधन और छूटे हुए लोगों को जोडऩे की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग ने शुरू की। जानकारी के मुताबिक, सिर्फ पौने तीन लाख लोगों ने फार्म-6 भरकर नाम जुड़वाने के आवेदन किए हैं। यह कटे हुए 27 लाख नामों का 10 फीसदी हैं।
जानें क्यों कटे वोटर्स के नाम?
निर्वाचन आयोग के अनुसार 27.34 लाख में से 6.42 लाख नाम मृत्यु के कारण कटे हैं। कुछ नाम त्रुटिवश कटे हों, वे ही जुड़ सकते हैं.
शेष 19.13 लाख नाम शिफ्टिंग या अन्य वजहों से कटे हैं। 1.79 लाख नाम डबल एंट्री के कारण कटे हैं। यानी दोहरा नाम होने के कारण एक नाम जुड़े रहेंगे और दूसरा नाम काट दिए गए हैं।
21 फ रवरी को आएगी अंतिम सूची
21 फ रवरी को जारी होने वाले अंतिम सूची में प्रदेश में मतदाताओं की संख्या 1.90 करोड़ के आसपास होने की संभावना है. स्ढ्ढक्र के पहले यह संख्या 2.12 करोड़ से अधिक थी. एसआईआर प्रक्रिया में बड़ी संख्या में नाम छोटी-छोटी त्रुटियों जैसे उपनाम हटने, दो नाम एक साथ जुडऩे जैसी एआई द्वारा पकड़ी गई गलतियों के कारण भी हटे हैं।





