सलेहा (विश्व परिवार)। सलेहा पंचकल्याणक महोत्सव के पावन अवसर पर सौधर्म इंद्र के रूप में विराजमान सर्वार्थ सिद्धि परिवार का सौभाग्य वास्तव में अनुपम है। परम पूज्य आचार्य विशुद्ध सागर जी महाराज के श्रीचरणों में उपस्थित होकर मंगल आशीर्वाद प्राप्त करना, विधिवत् पाद प्रक्षालन करना और श्रद्धाभाव से शास्त्र भेंट करना—यह दृश्य स्वयं में भक्ति, विनय और धर्मसमर्पण का अद्भुत उदाहरण है।
यह वही पुण्यात्मा गृहस्थ दंपत्ति हैं, जिनका सुपुत्र स्वयं संयम पथ को अपनाकर मुनि जीवन में प्रतिष्ठित है। ऐसे माता-पिता वास्तव में धन्य हैं, जिनकी गोद से विराग और तप की ज्योति प्रकट हुई। गृहस्थ अवस्था में रहते हुए भी जिनके जीवन का केंद्र धर्म, गुरु और शास्त्र हैं—वह परिवार सच अर्थों में “सर्वार्थ सिद्धि” का प्रतीक है।
इनकी श्रद्धा, समर्पण और गुरु भक्ति पूरे समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। अनुमोदना ऐसे पुण्यशाली परिवार की, जिन पर गुरुवर का मंगल आशीष निरंतर बरसता रहे और जिनका जीवन धर्मप्रभावना की उज्ज्वल गाथा बनता रहे।





