रायपुर (विश्व परिवार)। हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, रायपुर का नवां दीक्षांत समारोह रविवार, 22 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री न्यायमूर्ति सूर्यकांत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे तथा दीक्षांत भाषण देंगे।
समारोह अपराह्न 2:00 बजे से 4:45 बजे तक एमरल्ड हॉल, होटल बेबीलॉन कैपिटल, रायपुर में आयोजित होगा। समारोह में प्रवेश केवल आमंत्रण के आधार पर होगा।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के माननीय मुख्य न्यायाधीश एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा छह शोध उपाधि (डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी), अठासी विधि स्नातकोत्तर (मास्टर ऑफ लॉ) तथा एक सौ अड़तालीस कला एवं विधि स्नातक (ऑनर्स) उपाधियां प्रदान करेंगे। यह अवसर विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए गौरवपूर्ण क्षण होगा।
समारोह में छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश एवं विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद के सदस्य माननीय न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा तथा उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश माननीय न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशगण, देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के कुलपति, शिक्षाविद, अधिवक्ता तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी समारोह में सहभागिता करेंगे।
दीक्षांत समारोह में उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए कुल 36 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। इनमें कुलाधिपति स्वर्ण पदक, सर्वश्रेष्ठ उत्तीर्ण विद्यार्थी के लिए विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, छत्तीसगढ़ राज्य विधिज्ञ परिषद स्वर्ण पदक तथा विभिन्न स्मृति स्वर्ण पदक शामिल हैं।
दीक्षांत समारोह से पूर्व विश्वविद्यालय परिसर में लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले नए सभागार परिसर का शिलान्यास भारत के माननीय मुख्य न्यायाधीश द्वारा किया जाएगा। साथ ही वे नवस्थापित ‘रिसर्च हब एंड स्पोक’ ब्लॉक का उद्घाटन भी करेंगे, जिसमें 30 अनुसंधान कक्ष एवं एक बोर्ड कक्ष शामिल है। इससे विश्वविद्यालय की शोध अधोसंरचना को सुदृढ़ बल मिलेगा।
वर्ष 2025 में विश्वविद्यालय ने अनेक महत्वपूर्ण पहलें की हैं। हेल्थ शील्ड कार्यक्रम के अंतर्गत संकाय एवं कर्मचारियों के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति सीमा 9,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये की गई है तथा एक करोड़ रुपये की निधि के साथ ‘स्टाफ करुणा कोष नीति’ प्रारंभ की गई है। शोध क्षेत्र में विश्वविद्यालय को जलवायु परिवर्तन संबंधी विधायी अध्ययन परियोजना तथा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा ‘अबूझमाड़िया समुदाय’ पर एक प्रमुख शोध परियोजना स्वीकृत हुई है। ‘प्रोजेक्ट जस्टिस कनेक्ट’ हेतु अजीम प्रेमजी फाउंडेशन से 3.35 करोड़ रुपये का अनुदान भी प्राप्त हुआ है।
दीक्षांत समारोह के दौरान ‘एचएनएलयू जर्नल ऑफ लॉ एंड सोशल साइंसेज’ (खंड 9, अंक 1), ‘एचएनएलयू स्टूडेंट लॉ जर्नल’ (खंड 2) तथा ‘संविधान @ 75’ पर संपादित ग्रंथ का विमोचन किया जाएगा।





