- नवीन वेदियों में भगवान के विराजमान के साथ भव्य पंचकल्याणक का हुआ समापन
- दिव्य, अद्धभुत तीर्थ का निर्माण,किसी व्यक्तित्व की साधना का परिणाम:- मुनि प्रणम्य सागर महाराज
कामां (विश्व परिवार) जम्बू स्वामी की तपोभूमि ग्राम बोलखेड़ा में वर्धमान पंच बालयति तीर्थ क्षेत्र पर चल रहे जैन धर्म के पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतिम दिवस मोक्ष कल्याणक के अवसर पर अर्हम योग प्रणेता मुनि प्रणम्य सागर महाराज ने कहा कि इस दिव्य,अद्धभुत तीर्थ का निर्माण ब्रह्चारी गोकुल राम जैन बाबा के व्यक्तित्व की साधना का परिणाम है। जब कोई ठान लेता है और उस दिशा में दृढ़ता से आगे बढ़ता है तो इतिहास की रचना करता है। आज इस वर्धमान पंच बालयति तीर्थ क्षेत्र बोलखेड़ा पर भी इतिहास की रचना हुई है।
मुनिराज ने कहा कि यह भूमि अति पावन है जहां जैन धर्म के अंतिम अनुबद्ध केवली भगवान जम्बूस्वामी के तप की वर्गणा वातवरण में उपस्थिति का अहसास कराती है। उन्होंने सब को जिम्मेदारी का अहसास दिलाते हुए कहा कि अब इस आलोकित तीर्थ का निर्माण हो चुका है जिसे आसपास की जैन समाजों को सम्हालना है। वास्तविक रुप से सम्पूर्ण भारत वर्ष में ऐसी त्रय स्तरीय वेदिका नही है जो इस तीर्थ की आभा को प्रकाशित कर रही है। मुनि प्रणम्य सागर महाराज ने सभी को कार्यक्रम की सफलता के लिए आशीर्वाद भी प्रदान किया।
गोकुल राम ट्रस्ट के सचिव वेद प्रकाश जैन व त्रिलोक जैन बे बताया कि प्रातः भगवान को मोक्ष के साथ ही इस भव्य आयोजन का समापन हवन व नवीन वेदिका में भगवान विराजमान के साथ हुआ। इस अवसर पर स्थानीय मीडियाकर्मियों व कार्यकर्ताओं का सम्मान भी समिति के द्वारा किया गया। समिति के अध्यक्ष गोकुल राम जैन ने आभार प्रकट करते हुये कहा कि मैं अभिभूत हूँ जो इतने बड़े आयोजन को आप सब के सहयोग से सफलता पूर्वक सम्पन्न किया है।
*नवीन वेदिका में भगवान हुए विराजमान* संजय जैन बड़जात्या कामां ने अवगत कराया कि पंचकल्याणक प्रतिष्ठा के दौरान प्रतिष्ठित जिनबिम्बो को पुण्यार्जक परिवारों द्वारा प्रतिष्ठाचार्य शुभम जैन व धीरज जैन राहतगढ़ के निर्देशन में विधिवत विराजमान किया तो यह दृश्य देखकर भक्तों की भक्ति परवान चढ़ने लगी। जैन धर्म व आचार्य विद्यासागर महाराज के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो गया।प्रतिमा प्रदाता परिवारों ने अपने मस्तक पर विराजमान कर वेदी में स्थापना की। कामां से महेश चन्द, संजय जैन, सुनील जैन सर्राफ परिवार द्वारा भी एक प्रतिमा विराजमान की गई।
*सीकरी के लिए हुआ विहार* पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव समाप्ति के उपरांत दोपहर बाद मुनि प्रणम्य सागर महाराज का ससंघ सीकरी कस्बे के लिए पद विहार हुआ तो गुरु भक्तों ने भावभीनी विदाई दी। पुष्पेंद्र जैन सीकरी ने अवगत कराया कि शनिवार सुबह कैथवाड़ा से पद विहार कर मुनि संघ का सीकरी में मंगल पदार्पण होगा।





