रायपुर (विश्व परिवार)। AIIMS रायपुर ने दिसंबर 2025 में सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की औपचारिक शुरुआत की है, जो क्षेत्र में विशेषीकृत कैंसर उपचार को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस नए विभाग से छत्तीसगढ़ एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को व्यापक एवं अत्याधुनिक कैंसर शल्य चिकित्सा सेवाओं तक बेहतर पहुंच सुनिश्चित होगी।
विभाग की नैदानिक गतिविधियों का नेतृत्व डॉ. स्वर्णव चंदा, सहायक प्रोफेसर, कर रहे हैं, जिन्होंने प्रतिष्ठित Jawaharlal Institute of Postgraduate Medical Education & Research (JIPMER), पुडुचेरी से सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में एम.चि. उपाधि प्राप्त की है।
उनके नेतृत्व में विभाग साक्ष्य-आधारित एवं मरीज-केंद्रित शल्य कैंसर देखभाल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।
विभाग की प्रमुख विशेषता इसकी सुदृढ़ बहु-विषयक कार्यप्रणाली है। सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग मेडिकल ऑन्कोलॉजी, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी, ईएनटी एवं हेड-नेक सर्जरी, सर्जिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, प्रसूति एवं स्त्री रोग, तथा जनरल सर्जरी विभागों के साथ समन्वय में कार्य करेगा। यह एकीकृत मॉडल सिर एवं गर्दन के कैंसर, स्तन कैंसर, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (GI) कैंसर, स्त्रीरोग संबंधी कैंसर तथा सॉफ्ट टिश्यू ट्यूमर सहित जटिल कैंसर रोगों के समग्र प्रबंधन में
सहायक होगा। इस प्रकार का सहयोग उपचार योजना को बेहतर बनाने, शल्य परिणामों में सुधार लाने तथा समग्र कैंसर देखभाल सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण है।
विभाग ने अपनी ओपीडी सेवाएं सी ब्लॉक की पहली मंजिल पर, एंडोक्राइनोलॉजी ओपीडी क्षेत्र में प्रारंभ की हैं। विशेषज्ञ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी परामर्श वर्तमान में सोमवार, बुधवार और गुरुवार को उपलब्ध है।
भविष्य की दृष्टि से विभाग ने उन्नत एवं सटीक शल्य तकनीकों को अपनाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। शल्य प्रक्रिया की सटीकता बढ़ाने और जटिलताओं को कम करने के लिए फ्लोरोसेंट डाई तकनीक द्वारा सेंटिनल लिम्फ नोड बायोप्सी शुरू करने की तैयारी चल रही है। इसके अतिरिक्त, उन्नत पेरिटोनियल सतह कैंसर के प्रबंधन हेतु हाइपरथर्मिक इंट्रापेरिटोनियल कीमोथेरेपी (HIPEC) जैसी विशेष तकनीक को लागू करने की भी योजना है, जिसमें शल्य चिकित्सा के साथ गरम कीमोथेरेपी दी जाती है। विभाग की कार्ययोजना में मिनिमली इनवेसिव थोरैसिक सर्जरी की शुरुआत भी शामिल है, जो कम आक्रामक और आधुनिक कैंसर शल्य विकल्पों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, AIIMS रायपुर ने कहा, “सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की स्थापना राज्य में व्यापक और उन्नत कैंसर देखभाल उपलब्ध कराने की हमारी प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करती है। हमारा लक्ष्य AIIMS रायपुर को ऑन्कोलॉजी के क्षेत्र में क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करना है, ताकि मरीजों को अत्याधुनिक शल्य तकनीकों और बहु-विषयक विशेषज्ञता का लाभ राज्य के भीतर ही मिल सके और उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता न पड़े।”





