रायपुर (विश्व परिवार)। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भि लाई ने अपने परिसर में नालंदा हॉल में आईआईटी भिलाई को राष्ट्र को समर्पित करने की दूसरी वर्षगांठ मनाई।
आईआईटी भिलाई के अत्याधुनि क परि सर को प्रधानमंत्री द्वारा 20 फरवरी 2024 को राष्ट्र को समर्पित किया गया था। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसके बाद सरस्वती वंदना और अतिथियों को सम्मानित किया गया। भाषण के दौरान प्रो. राजीव प्रकाश, निदेशक, आईआईटी भिलाई, ने संस्थान की उपलब्धियों और उसकी प्रेरणादायक यात्रा के बारे में बताया।
उन्होंने आईआईटी भिलाई को शिक्षा और अनुसंधान के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने में संकाय सदस्यों और कर्मचारियों के संयुक्त प्रयासों की सराहना की। उन्होंने यह भी बताया कि आईआईटी भिलाई, छत्तीसगढ़ सरकार के साथ मिलकर राज्य को एक तकनीकी केंद्र बनाने की दिशा में कार्य र्य कर रहा है। इसके तहत दुर्ग र्ग में एक आईटी पार्क की स्थापना की जा रही है और इसका कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि परिसर निर्माण का चरण-बी (Phase B) भी जल्द ही शुरू होगा। सोनल अग्नि होत्री, आईपीएस, गृह मंत्रालय में छत्तीसगढ़ राज्य के प्रतिनिधि ने मुख्य अतिथि के रूप में इस कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई और दर्शकों को संबोधित करते हुए अपने बहुमूल्य विचार साझा किए।
वर्ष के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। संस्थान के सभी सदस्यों को अपने कर्तव्यों का पालन गर्व और समर्पण के साथ करने के लिए प्रेरित किया गया, और पुरस्कार विजेताओं की उनकी मेहनत के लिए प्रशंसा की गई। इसके बाद एक संक्षिप्त सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। सचिन मिश्र, उपकुलसचिव आईआईटी भिलाई ने धन्यवाद ज्ञापन दिया और कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। आईआईटी भिलाई को एक सतत और पर्यावरण-अनुकूल परिसर के रूप में योजना बनाकर विकसित किया गया है। हाल ही में संस्थान को जीआरआईएचए एलडी (लार्ज डेवलपमेंट्स) के तहत 5-स्टार रेटिंग प्राप्त हुई, जो जीआरआईएचए ढांचे के अंतर्ग र्गत सर्वोच्च प्रमाणन है। इस श्रेणी में यह पुरस्कार आईआईटी भिलाई को दूसरी बार मिला है। 5-स्टार रेटिंग पर्यावरण संरक्षण और हरित, भविष्य के लिए तैयार परिसर के निर्माण के प्रति संस्थान की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।





