नई दिल्ली (विश्व परिवार)। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान की ओर से भारतीय ध्वज वाले जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग देने के फैसले के बाद भारतीय एलपीजी टैंकर शिवालिक ने इस अहम समुद्री मार्ग को सफलतापूर्वक पार कर लिया है। वहीं दूसरा एलपीजी पोत नंदा देवी भी इस संवेदनशील तेल मार्ग से सुरक्षित बाहर निकल गया है। शनिवार को बताया कि शिवालिक इस समय भारतीय नौसेना की निगरानी और सुरक्षा में आगे बढ़ रहा है। जहाज खुले समुद्र में पहुंच चुका है और अगले दो दिनों में भारत के किसी बंदरगाह पर पहुंचने की संभावना है। इसके 21 मार्च तक मुंबई या कांडला बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के बीच वस्तुओं और ऊर्जा आपूर्ति के सुचारु प्रवाह को लेकर उच्चस्तरीय चर्चा हुई थी। माना जा रहा है कि इसी कटनीतिक संवाद के बाद भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग का रास्ता साफ हुआ। इससे पहले शुक्रवार को भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने संकेत दिया था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय जहाजों को जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रास्ता मिल सकता है। उन्होंने कहा था कि भारत ईरान का मित्र देश है और दोनों देशों के इस क्षेत्र में साझा हित हैं। फथाली ने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में भारत सरकार ने युद्ध के बाद विभिन्न क्षेत्रों में ईरान की मदद की है।





