देशनई दिल्ली

युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमत में भारी तेजी

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बीते 15 दिनों के भीतर 40 फीसदी से अधिक की तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अमेरिका, इस्त्राइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के चलते पश्चिम एशिया में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ गई हैं। खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावित होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार, विशेषकर एशियाई देशों पर दबाव बढ़ा है। बताया जा रहा है कि अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा सैन्य टकराव 28 फरवरी से तेज हुआ, जब अमेरिकी और इस्त्राइलों बलों ने ईरान के सैन्य ठिकानों और शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाते हुए व्यापक हमले किए। इस संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बाजारों की चिंता और बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर आने वाले दिनों में भी वैश्विक बाजारों पर साफ दिखाई देगा। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि आने वाला सप्ताह बेहद उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है, क्योंकि निवेशकों की नजरें पूरी तरह इस संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम पर टिकी रहेंगी।
उन्होंने कहा कि आने वाले सप्ताह में बाजार की दिशा काफी हद तक पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम पर निर्भर करेगी। निवेशक इस बात पर करीबी नजर रखेंगे कि संबंधित देशों के सरकारी अधिकारी और वैश्विक पक्षकार तनाव बढ़ाने या कूटनीतिक समाधान की दिशा में क्या संकेत देते हैंपोनमुडी आर के मुताबिक, इस संघर्ष का असर केवल कच्चे तेल की कीमतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक बॉन्ड यील्ड, मुद्रा बाजार और निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता पर भी पड़ेगा। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर विशेष फोकस बना रहेगा, क्योंकि इसे दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में गिना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल और गैस की आवाजाही लंबे समय तक बाधित रहती है, तो इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और सख्त हो सकती है। इसका असर एशिया में महंगाई की उम्मीदों पर पड़ेगा और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता व दबाव का माहौल बना रह सकता है।
एलपीजी बुकिंग 75 लाख पार
नई दिल्ली- वेस्ट एशिया में तेजी से बदलते हालात के बीच भारत सरकार ने देश में ऊर्जा सप्लाई को लेकर स्थिति साफ की है. इंटर मिनिस्ट्रियल ब्रीफिंग में पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्रालय ने बताया कि देश में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह स्थिर है और कहीं भी कमी की स्थिति नहीं है. सरकार के मुताबिक देश में 1,01,469 रिटेल पेट्रोल पंप और 25,605 एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर सक्रिय हैं. किसी भी इलाके में ड्राई आउट की स्थिति रिपोर्ट नहीं हुई है. हर दिन करीब 50 लाख घरेलू एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है. पेट्रोलियम मंत्रालय में ज्वाइंट सेक्रेट्री सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में कुल 33.37 करोड़ एलपीजी कंज्यूमर हैं जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 10.56 करोड़ कनेक्शन दिए जा चुके

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