- जगत कल्याण की कामना के लिए हुईं महा शान्ति धारा।
- घन धर्म अर्जन करना तो सुधा सागर जी ने सिखा दिया अब जीव अर्जन करना सीखे- मुनिश्री
अशोक नगर (विश्व परिवार)। अंचल के सबसे बड़े तीर्थ अतिशय क्षेत्र दर्शनोंदय तीर्थ थूवोनजी में संत शिरोमणि आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज के परम शिष्य परम पूज्य मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज ससंघ का भव्य आगमन जिले के सबसे बड़े तीर्थ अतिशय क्षेत्र दर्शनोंदय तीर्थ थूवोनजी में हुआ जहां थूवोनजी कमेटी के अध्यक्ष अशोक जैन टींगू उपाध्यक्ष संजीव श्रागर महामंत्री मनोज भैसरवास मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा कोषाध्यक्ष प्रमोद मंगलदीप मंत्री अनिल बंसल सहित प्रमुख जनो ने मुनिश्री की भव्य आगवानी की मुनि श्री के सान्निध्य में जगत कल्याण की कामना के लिए महाशान्तिधारा का आयोजन किया गया समारोह के प्रारंभ में मंगलाष्टक युवा वर्ग के संरक्षक शैलेन्द्र श्रागर दारा सम्पन्न कराया गया इसके बाद परम पूज्य मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज के श्री मुख से हुई साथ ही एक सौ आठ रिद्धिमंत्रो से भगवान का अभिषेक किया गया जिसका सौभाग्य नीमचके न्यायाधीश कुलदीप जैन कमेटी उपाध्यक्ष संजीव श्रागर शिरोमणि संरक्षक शालू भारत कमेटी के परम संरक्षक विनोद मोदी सहित अन्य प्रमुख जनो को मिला।
जीव दया और करुणा के क्षेत्र में परम पूज्य की प्रेरणा से हो रहा है काम- विजय धुर्रा
इस दौरान धर्म सभा में मध्य प्रदेश महा सभा संयोजक विजय धुर्रा ने कहा कि परम पूज्य मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज का वर्षो पूर्व आगमन हुआ था आज परम पूज्य बदले हुए लग रहे हैं एक ऐसे तपस्वी संत जो एक कोने में बैठ कर तपस्या में लीन रहते थे आज जिस तरह से परम पूज्य मुनि श्री की प्रेरणा से जीव दया और खासकर पक्षियों की चिकित्सा के क्षेत्र में काम किया जा रहा है वह हम सब के लिए प्रेरणापद है आने वाले समय में इस अंचल को भी आपकी प्रेरणा से सौगात मिले ऐसी भावना है इस दौरान युवा वर्ग के संरक्षक शैलेन्द्र श्रागर ने कहा कि परम पूज्य आध्यात्मिक संत निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज की प्रेरणा से दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी में कार्य प्रगति पर है रोज रोज अशोक नगर पिपरई मुंगावली शाढ़ौरा से युवाओं के मंडल आते हैं ।
दान करना सीख लिया अब दया के क्षेत्र में काम करें- मुनिश्री
इस अवसर पर धर्म सभा को सम्बोधित करते हुए मुनि श्री अविचल सागर जी महाराज ने कहा कि वीतराग शासन में जन्म लेने का अवसर मिला है जन्म मरण की इस यात्रा में बहुत कुछ हमें करना है आपको धर्म करना तो परम पूज्य निर्यापक श्रमण मुनि पुंगव श्रीसुधासागरजी महाराज ने सिखा दिया दान करना भी आपने पूज्य श्री से सीख लिया अब आपको इससे आगे चलकर दया भाव को जीवन में उतारना है उन्होंने कहा कि जीवन का सुख जीवों से मिलता है इसलिए हम जीवों की चिंता करना सीखें दूसरे जीवों के प्रति हमारे अंदर दया भावना होना चाहिए अच्छे लोग की संगति मिलने से हम अच्छी चीज़ें को जीवन में लये ।
थूवोनजी तीर्थ देखकर आनंद आ गया- न्यायाधीश कुलदीप जैन
इस अवसर पर न्यायाधीश कुलदीप जैन ने कहा कि आज दर्शनोदय तीर्थ थूवोनजी को देख कर ऐसा लग रहा है कि हमारे तीर्थो की व्यवस्था थूवोनजी जैसे होना चाहिए थूवोनजी आप लोगों ने बहुत ही अच्छी तरह से सजाया सभारा है वर्षो पहले इस तीर्थ को जिसने देखा होगा आज वह थूवोनजी को पहचानने में आनंदित होगा इस दौरान कमेटी की ओर से अध्यक्ष अशोक जैन टींगू मिल उपाध्यक्ष संजीव श्रागर शालू भारत पूर्व मंत्री विनोद मोदी मध्यप्रदेश महासभा संयोजक विजय धुर्रा मंत्री अनिल बंसल प्रवीण मामा गोलू जैन राहुल सिंघ ई सहित अन्य प्रमुख जनो ने किया