रायपुर (विश्व परिवार)। सामाजिक न्याय और संविधान की मूल भावना की जीत हुई है! माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने धर्मांतरण और अनुसूचित जाति (SC) दर्जे को लेकर एक ऐतिहासिक निर्णय दिया है, जिसका स्वागत भाजपा प्रदेश सह कार्यालय मंत्री अनु. जाति मोर्चा अवध राम बघेल जी ने किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अनुसूचित जाति का दर्जा किसी राजनीतिक या आर्थिक लाभ का माध्यम नहीं, बल्कि सदियों के सामाजिक अत्याचार और ऐतिहासिक अन्याय की भरपाई का संवैधानिक अधिकार है। धर्म परिवर्तन करने के बाद SC दर्जे का दावा करना न केवल संविधान के साथ छल है, बल्कि वास्तविक पात्र समाज के अधिकारों पर सीधा आघात भी है।
यह फैसला उन लोगों के लिए कड़ा संदेश है जो सामाजिक न्याय की व्यवस्था का दुरुपयोग कर रहे थे। यह निर्णय छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में सामाजिक संतुलन को मजबूत करेगा और वास्तविक वंचित वर्गों को उनका हक दिलाने में मील का पत्थर साबित होगा।
अवध राम बघेल जी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस फैसले का पूर्ण समर्थन करती है और माननीय सर्वोच्च न्यायालय का आभार व्यक्त करती है। यह फैसला सामाजिक न्याय की रक्षा और संविधान की मर्यादा बनाए रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।





