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कुंवरगढ़ महोत्सव का भव्य समापन: संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने की शिरकत, विधायक अनुज शर्मा नें सफल आयोजन के लिए क्षेत्रवासियों का किया आभार व्यक्त

  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियों पर झूम उठे दर्शक; छत्तीसगढ़ी कलाकारों ने बांधा समां

रायपुर (विश्व परिवार)। कुँवरगढ़ नगर के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। विधायक अनुज शर्मा की विशेष पहल और प्रयासों से आयोजित ‘कुँवरगढ़ महोत्सव’ का समापन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। महोत्सव के अंतिम दिन मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल एवं विधायक अनुज शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
महोत्सव की अंतिम शाम छत्तीसगढ़ के दिग्गज कलाकारों के नाम रही। मंच पर प्रदेश के जाने-माने कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अनुराग शर्मा, छाया चंद्राकर और कंचन जोशी के सुमधुर गीतों ने समां बांध दिया। रेखा जलक्षत्री और शैलेश साहू की प्रस्तुतियों ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।लोक संगीत और पारंपरिक नृत्यों की इस जुगलबंदी ने पूरे वातावरण को छत्तीसगढ़ी रंग में सराबोर कर दिया। देर रात तक चले इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में पहुंचे दर्शकों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
दर्शकों की मांग कों पूरा करते हुए विधायक अनुज नें सुनाये अपने सुपरहिट गानें
कुंवरगढ़ के दर्शकों की विशेष मांग को देखते हुए विधायक अनुज शर्मा ने अपनी सुपरहिट फिल्मों के एक से बढ़कर एक गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। उन्होंने अपने सदाबहार गानों से न केवल समां बांधा, बल्कि उपस्थित जनसमूह को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
इस अवसर पर मंत्री राजेश अग्रवाल ने कुंवरगढ़ की ऐतिहासिक धरती को नमन करते हुए कहा कि यह केवल मेला या उत्सव नहीं है, यह हमारी पहचान का शंखनाद है।यह महोत्सव केवल नाच-गाने का मंच नहीं है, बल्कि हमारी लुप्त होती परंपराओं और पूर्वजों के पराक्रम को जीवंत रखने का एक अनुष्ठान है। कुंवरगढ़ की माटी में वह सुगंध है जो हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखती है। जब हम अपनी कला, अपने लोकगीत और अपनी परंपराओं का सम्मान करते हैं, तो ईश्वर का आशीर्वाद स्वतः प्राप्त होता है। अनुज ने न केवल इस महोत्सव को भव्यता दी है, बल्कि जनता की भावनाओं को एक मंच प्रदान किया है। एक सजग जनप्रतिनिधि वही है जो अपनी माटी की कला और संस्कृति को सहेजने के लिए समर्पित रहे।विकास केवल सड़कों और इमारतों से नहीं होता, विकास तब पूर्ण माना जाता है जब हमारी संस्कृति भी सुरक्षित और गौरवान्वित महसूस करे। मैं आप सभी को इस सफल महाकुंभ की हृदय से बधाई देता हूँ!
महोत्सव के सफल आयोजन से हृदय गौरवान्वित है तो उत्सव की बिदाई से मन भावुक भी है – विधायक अनुज
वहीं विधायक अनुज शर्मा नें इस सफल आयोजन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज हृदय गौरवान्वित है तो थोडा मन भावुक भी है। गौरव इस बात का कि हमारी माटी की सुगंध, हमारी कला और हमारी परंपराओं का यह संगम आज अपनी सफलता के शिखर पर है। और मन भावुक इस बात सें हैं कि आज इस भव्य उत्सव की विदाई की बेला है। लोग मुझसे कह रहे हैं कि ‘अनुज जी, आयोजन बहुत सफल रहा’। लेकिन मैं आज इस मंच से गर्व से कहना चाहता हूँ—यह सफलता विधायक की नहीं, यह सफलता कुंवरगढ़ की जनता की अटूट एकता की है! पिछले कुछ दिनों में यहाँ जो जनसैलाब उमड़ा, जो अनुशासन दिखा और जो उत्साह दिखा, उसने साबित कर दिया है कि जब हम अपनी संस्कृति के लिए एक होते हैं, तो दुनिया हमारी तरफ देखती है। आपके सहयोग के बिना यह मैदान केवल एक मैदान होता, इसे ‘कुंवरगढ़ महोत्सव’ आपने बनाया है। जिस सोच के साथ मैंने “कुंवरगढ़ महोत्सव” की नीव रखी है उसको आप सभी का भरपूर प्यार, आशीर्वाद और समर्थन मिला जिससे मन अभिभूत है । हमें याद रखना होगा कि उत्सव केवल मनोरंजन के साधन नहीं होते। उत्सव हमारी पहचान की मशाल होते हैं। कुंवरगढ़ महोत्सव का यह अंतिम दिन केवल एक आयोजन का अंत नहीं है, बल्कि हमारे क्षेत्र के स्वाभिमान और विकास के एक नए अध्याय का प्रारंभ है। मेरी जनसेवा का लक्ष्य केवल सड़क और पुल बनाना नहीं है, बल्कि अपनी लोक-कला और लोक-संस्कृति को वह सम्मान दिलाना है जिसकी वह हकदार है। मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि हमारी यह परंपरा अगले साल और भी भव्य, और भी दिव्य होगी।
इस सुपरहिट और सफल आयोजन के लिए मैं ज़िला प्रशासन के उन सभी अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों, सफाई मित्रों और स्वयंसेवकों का भी हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ जिन्होंने दिन-रात एक कर दिया। विशेष रूप से उन सभी कलाकारों का धन्यवाद करना चाहता हूँ जिन्होंने इन तीन दिनों में अपनी कला से इस मंच पर चार चांद लगा दिए। पंथी, सुआ, करमा और हमारे लोकगीतों की गूंज ने इस पूरे क्षेत्र को भक्ति और उत्साह से सराबोर कर दिया। कलाकार केवल मनोरंजन नहीं करता, वह हमारी परंपराओं को जीवित रखता है। आप सभी की शानदार प्रस्तुति ने ही इस आयोजन को ‘सफल’ बनाया है।
अंत में, कुंवरगढ़ की जनता को मेरा नमन। आपने मुझे सेवा का अवसर दिया और इस महोत्सव को अपना आशीर्वाद दिया। चलिए, इस याद को दिल में संजोते हैं और संकल्प लेते हैं कि हम अपने क्षेत्र को प्रगति के पथ पर और आगे ले जाएंगे।
इस अवसर पर संस्कृति मंत्री ने कुंवरगढ़ के विकास के लिए विधायक अनुज शर्मा की मांगों को सहर्ष स्वीकार किया और कुंवरगढ़ की प्रगति हेतु विभिन्न विकास कार्यों की महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं जिसमे कुंवरगढ़ के मंदिरों का जीर्णोद्धार व अगले बजट में कुंवरगढ़ महोत्सव के सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बजट में विशेष वृद्धि की जाएगी और कुंवरगढ़ के श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशाला शामिल रहा।
इस अवसर पर सभीं प्रेस मीडिया के साथियों, सपोर्टिंग टीम व विशेष रूप से सहयोग करने वालो का अतिथियों द्वारा स्वागत किया गया। कार्यक्रम का समापन गुरूजी आचार्य श्री युवराज पाण्डेय जी के आशीष वचनों और उनकें पचरा जशगीत से हुआ।
कार्यक्रम में रायपुर ज़िला ग्रामीण अध्यक्ष श्याम नारंग, ज़िला प्रभारी सुरेंद्र पाटनी, गुलाब टिकरीहा ,स्वाति वर्मा, सविता चंद्राकर,गुरु सौरभ साहेब, गोविंद साहू, राजा ख़ान,हरिशंकर निषाद, हरिशंकर वर्मा, रुखमणी वर्मा, अमरीका वर्मा, रुखमणी शिवारे सोना वर्मा सहित अधिकारीगण ज़िला पंचायत सीईओ विश्वरंजन, एसडीएम नंद कुमार चौबे, तहसीलदार बाबूलाल कुर्रे,जनपंद सीईओ आशीष केशरवानी, नगरपंचायत कुंरा सीएमओ दीपक शर्मा उपस्थित रहें।

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