छत्तीसगढ़बिलासपुर

5 साल बाद बड़ी उपलब्धि, बिलासपुर एयरपोर्ट को मिली अतिरिक्त जमीन

बिलासपुर (विश्व परिवार)। बिलासा देवी चकरभाठा एयरपोर्ट के लिए हवाई सेवा शुरू होने के पांच साल बाद आखिरकार सेना ने अपनी 290.8 एकड़ जमीन औपचारिक रूप से जिला प्रशासन को हस्तांतरित कर दी है. इस हस्तांतरण के बाद एयरपोर्ट के पास अब 646.8 एकड़ जमीन हो गई है. यह एयरपोर्ट को 4 सी श्रेणी में अपग्रेड करने के लिए पर्याप्त है।
जिला मुख्यालय में आयोजित प्रक्रिया के दौरान कर्नल ए. मजूमदार, कर्नल दिनेश पट्टाभि, लेफ्टिनेंट कर्नल नीरज सिंह और जबलपुर के रक्षा संपदा अधिकारी मोहम्मद शाद आलम ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात कर स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए. इस अवसर पर एयरपोर्ट डायरेक्टर एन. वीरेन सिंह, एडीएम ज्योति पटेल और एसडीएम आकांक्षा त्रिपाठी भी उपस्थित रहीं. अतिरिक्त भूमि मिलने से रनवे विस्तार में आ रही तकनीकी बाधाएं दूर हो गई हैं. 4-सी कैटेगरी में अपग्रेड होने से अब महानगरों से बड़े विमानों की आवाजाही शुरू हो सकेगी, जिससे क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी।
इस तरह हुआ जमीन का हस्तांतरण
सेना की छावनी का प्रस्ताव रद्द होने के बाद राज्य सरकार ने जमीन वापसी की पहल की. चुनाव के कारण अटकी सीमांकन प्रक्रिया को रक्षा विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीम ने हाल ही में पूरा किया. राज्य सरकार द्वारा पूर्व में भेजे गए 90 करोड़ रुपए केंद्र ने लौटा दिए थे, जिसके बाद वर्तमान बाजार दर पर 70 करोड़ रुपए की मांग तय हुई. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू और हवाई सुविधा जनसंघर्ष समिति ने दिल्ली में इस मामले के समाधान के लिए प्रयास किए।

जमीन के अभाव में रुके थे ये काम
वर्तमान में रनवे मात्र 1498 मीटर है, जो केवल 72 सीटर एटीआर विमानों के लिए उपयुक्त है. बड़े विमानों के लिए इसे 2800 मीटर तक बढ़ाया जाएगा. इसके लिए 80 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा जा रहा है. इसके अलावा वर्तमान में एटीसी सेंटर अस्थायी है. अब 22 करोड़ रुपए की लागत से 22 मीटर ऊंचा स्थायी एटीसी टॉवर बनाया जाएगा।
198 करोड़ रुपए का मास्टर प्लान
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के पिछले प्रवास के दौरान जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट विकास के लिए 198 करोड़ रुपए की कार्ययोजना प्रस्तुत की थी. जमीन मिलने के बाद अब इन कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

  • रनवे स्ट्रिप चौड़ीकरण: 40 करोड़ रुपए
  • रनवे लाइटिंग: 5 करोड़ रुपए
  • बाउंड्रीवॉल (4.70 किमी): लागत अनुमानित
  • एटीसी टॉवर (22 मीटर ऊंचा): 41 करोड़ रुपए
  • आईएलएस उपकरण व अन्य कार्य: 17 करोड़ रुपए

जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी
इस मामले में बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने बताया कि सेना की 290.8 एकड़ जमीन जिला प्रशासन को हस्तांतरित कर दी गई है. सेना के अधिकारियों ने जिला मुख्यालय आकर इस प्रक्रिया को पूरा किया. अब रनवे विस्तार और अन्य विकास कार्यों की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

 

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts