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बंगाल चुनाव: दूसरे चरण से पहले पीएम मोदी का रोड शो, काली मंदिर में पूजा से शुरू किया प्रचार

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। पश्चिम बंगाल चुनाव में दूसरे चरण के मतदान से पहले मतदान का आज चुनाव प्रचार का अंतिम दिन है। प्रचार के अंतिम दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत माता के आशीर्वाद से किया। प्रधानमंत्री मोदी उत्तर कोलकाता में विशाल रोड शो किया। रोड शो की शुरुआत से पहले पीएम मोदी ने कोलकाता के विधान सरणी स्थित प्राचीन सिद्ध शक्तिपीठ ठनठनिया कालीबाड़ी मंदिर पहुंचे। यहां पीएम मोदी ने मां काली की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर माता का आशीर्वाद लिया।
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव दो चरण में हो रहा है। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को खत्म हो चुकी है। जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को है। दूसरे चरण में बंगाल की 142 सीटों पर मतदान होना है।
दूसरे चरण की वोटिंग के चुनाव प्रचार के अंतिम दिन पीएम मोदी ने ‘मंदिर पॉलिटिक्स’ वाला दांव चला। प्रधानमंत्री मोदी उत्तर कोलकाता में विशाल रोड शो से पहले कोलकाता के विधान सरणी स्थित प्राचीन सिद्ध शक्तिपीठ ठनठनिया कालीबाड़ी मंदिर में पूजा अर्चना की। पीएम मोदी ने मंदिर में मां काली का आशीर्वाद लिया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ समय तक मौन रहकर प्रार्थना की। पीएम मोदी को पुजारियों ने मंत्रोच्चार के साथ उन्हें आशीर्वाद दिया। इसके बाद पुजारियों से बात करते हुए रोड शो के लिए निकले।
ठनठनिया कालीबाड़ी मंदिर का इतिहास
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी ने जिस थंथनिया कालीबाड़ी में पूजा-अर्चना की वह कोलकाता के सबसे पुराने और सबसे ज़्यादा पूजनीय काली मंदिरों में से एक है। इसकी स्थापना 1703 में हुई थी। माना जाता है कि रामकृष्ण परमहंस अक्सर यहां आते थे और देवी के भजन गाते थे। मंदिर के अंदर उन्होंने जो ‘वाणी’ कही थी, उसे दीवारों पर उकेरा गया है, जिस पर लिखा है- ‘शंकरेर हृदोय माझे, काली बिराजे’ (मां काली शंकर के हृदय में निवास करती हैं)। मां सिद्धेश्वरी देवी काली के उन कुछ मंदिरों में से एक है, जहां पर ‘प्रसाद’ के रूप में मांस चढ़ाया जाता है। बंगाल चुनाव के मद्देनजर इसे वोटर्स के लिए एक मास्टर स्ट्रोक के तौर पर देखा जा रहा है।
मुतआ ठाकुर मंदिर में भी की पूजा
पीएम मोदी उत्तरी 24 परगना के इलाके में मुतआ ठाकुर मंदिर में जाकर पूजा अर्चना की। इस पूजा के साथ पीएम मोदी मतुआ के साथ अपने रिश्ते की डोर के भी मजबूत करते नजर आए। इसके बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए मतुआ समाज को सीएए के जरिए भारत की नागरिकता देने की प्रक्रिया में तेजी लाने के अपनी सरकार के संकल्प को दोहराया।

 

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