छत्तीसगढ़पेंड्रा-मरवाही

GPM में फर्जी जाति प्रमाण पत्र का बड़ा खुलासा, बैगा समाज ने सौंपा ज्ञापन

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (विश्व परिवार)। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जहां फर्जी जाति प्रमाण पत्र के एक बड़े खेल का खुलासा हुआ है। विशेष पिछड़ी जनजाति राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र ‘बैगा’ के नाम पर फर्जी तरीके से सरकारी नौकरियां हथियाने का आरोप लगाते हुए आज बैगा समाज के लोग बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
अखिल भारतीय आदिवासी कांग्रेस की राष्ट्रीय समन्वयक अर्चना पोर्ते और ‘नांगा बैगा जनशक्ति संगठन’ के पदाधिकारियों के नेतृत्व में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि बिलासपुर जिले के ग्राम पोड़ी (सीपत) के लगभग 55 व्यक्तियों ने कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से ‘बैगा’ जनजाति का फर्जी प्रमाण पत्र बनवाया है।
मीडिया से चर्चा करते हुए समाज के प्रतिनिधियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने 150 से अधिक फर्जी नियुक्तियों का अंदेशा जताते हुए बताया कि वर्तमान में लिस्टेड 55 लोग फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर सरकारी सेवाओं में कार्यरत हैं। इनमें शिक्षक, हाईकोर्ट कर्मचारी, आर्मी, BSF, कृषि विभाग और स्वास्थ्य विभाग जैसे महत्वपूर्ण पदों पर लोग शामिल हैं। यदि इनके परिवारों की जांच हो तो यह संख्या 150 से 200 के पार जा सकती है।
समाज ने कहा – असली बैगा युवाओं का हक मारा जा रहा
बैगा समाज का कहना है कि सरकार ने इस विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पदों पर बिना परीक्षा सीधी भर्ती का प्रावधान किया है, ताकि इनका आर्थिक उत्थान हो सके, लेकिन बाहरी लोग (मस्तूरी और अन्य क्षेत्रों के) फर्जी दस्तावेज बनवाकर इस विशेष सुविधा का लाभ उठा रहे हैं, जिससे असली बैगा युवाओं का हक मारा जा रहा है।
कलेक्टर ने मामले की जांच कराने का दिया आश्वासन
बैगा समाज ने स्पष्ट किया कि जिन लोगों ने ये प्रमाण पत्र बनवाए हैं, उनका बैगा समाज से न तो कोई रोटी-बेटी का संबंध है और न ही वे कभी इनके गांवों में रहे हैं। उन्होंने तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों और एसडीएम की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं कि बिना वंशावली और मिसल की जांच किए ये प्रमाण पत्र कैसे जारी कर दिए गए। बैगा समाज ने मांग की है कि इस पूरे ‘रैकेट’ की जांच राज्य स्तरीय जाति सत्यापन छानबीन समिति से कराई जाए और दोषी अफसरों पर कार्रवाई की जाए। कलेक्टर ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आश्वासन दिया है।

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts