रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ अधिकारी-कर्मचारी पेंशनर्स एसोसिएशन, रायपुर जिला शाखा द्वारा राज्य के एक लाख से अधिक पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों की वर्षों से लंबित न्यायोचित मांगों के संबंध में रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से सांसद महोदय से आग्रह किया गया कि वे पेंशनरों की समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए अपनी अनुशंसा सहित ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन को प्रेषित करें।
जिलाध्यक्ष पंकज नायक ने बताया कि ज्ञापन में शामिल अधिकांश मांगें संवैधानिक भावना, मानवीय दृष्टिकोण तथा न्यायालय के आदेशों पर आधारित हैं। इनका निराकरण होने से प्रदेश के वरिष्ठ नागरिक पेंशनरों को सम्मानजनक एवं गरिमापूर्ण जीवन जीने में महत्वपूर्ण राहत मिलेगी।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को महंगाई राहत का भुगतान मध्यप्रदेश शासन की सहमति पर निर्भर होने के कारण नियमित कर्मचारियों की तुलना में छह माह अथवा उससे अधिक विलंब से प्राप्त होता है। एसोसिएशन ने इस व्यवस्था को समाप्त कर राज्य के कर्मचारियों एवं केंद्र सरकार के पेंशनरों की भांति देय तिथि से महंगाई राहत का भुगतान सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
एसोसिएशन ने यह भी कहा कि राज्य शासन ने कार्यरत कर्मचारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा की है, इसलिए बढ़ती आयु और स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पेंशनरों एवं परिवार पेंशनरों के लिए भी पृथक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना शीघ्र लागू की जानी चाहिए।
ज्ञापन में वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत 80 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर मिलने वाली 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन को 70 वर्ष की आयु से लागू करने का अनुरोध किया गया। एसोसिएशन का कहना है कि राष्ट्रीय सांख्यिकी के अनुसार जीवन प्रत्याशा को देखते हुए यह संशोधन अधिक न्यायसंगत एवं व्यावहारिक होगा।
एसोसिएशन ने माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के आदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि छठवें वेतनमान के 32 माह तथा सातवें वेतनमान के 27 माह के एरियर का भुगतान शीघ्र किया जाना चाहिए। न्यायालय द्वारा निर्धारित समय-सीमा का पालन करना शासन की संवैधानिक जिम्मेदारी है।
ज्ञापन में मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का लाभ पेंशनरों को भी प्रदान करने की मांग करते हुए कहा गया कि अनेक पेंशनरों को अत्यल्प पेंशन प्राप्त होती है, जिसके कारण वे आर्थिक अभाव में अपनी धार्मिक आस्था के अनुरूप तीर्थयात्रा नहीं कर पाते। उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलना चाहिए।
इसके साथ ही राज्य पेंशनर्स कल्याण मंडल का शीघ्र पुनर्गठन कर उसकी नियमित बैठकें आयोजित करने का आग्रह किया गया, ताकि पेंशनरों की समस्याओं पर समय-समय पर विचार कर उनका निराकरण किया जा सके।
ज्ञापन में प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में पेंशनर्स भवन (सियान सदन) के निर्माण की आवश्यकता भी रेखांकित की गई। एसोसिएशन का कहना है कि ऐसे भवन वरिष्ठ नागरिक पेंशनरों की सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक एवं कल्याणकारी गतिविधियों के संचालन के लिए उपयोगी सिद्ध होंगे।
अंत में जिलाध्यक्ष पंकज नायक ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल से अनुरोध किया कि वे प्रदेश के पेंशनर्स साथियों की इन न्यायोचित मांगों पर संवेदनशीलता एवं सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए अपनी सकारात्मक अनुशंसा सहित ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ शासन को प्रेषित करने का कष्ट करें।
ज्ञापन सौंपने के अवसर पर सचिव बेनी राम गायकवाड़, प्रांतीय महामंत्री उमेश मुदलियार, प्रांतीय सचिव सी.एल. दुबे, कोषाध्यक्ष बी.पी. कुरील, सलाहकार राकेश त्रिवेदी, केदारनाथ अग्रवाल, वाय.आर. सोनी, संभागीय अध्यक्ष विमल कुंडू सहित बड़ी संख्या में पेंशनर्स सदस्य उपस्थित थे। उपरोक्त प्रेस विज्ञप्ति सचिव बेनी राम गायकवाड़ ने दी।







