नई दिल्ली (विश्व परिवार)। मंगलवार को विपक्ष की लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन में पेपर लीक विरोधी विधेयक पर चर्चा होनी थी, लेकिन विपक्ष ने 20 जुलाई के जंतर-मंतर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर शोर-शराबा जारी रखा।
लोकसभा अध्यक्ष ने सदस्यों से अपील की कि वे प्रश्नकाल में बाधा न डालें
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सत्र की शुरुआत ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के मेडल विजेताओं की तारीफ से की। इसके तुरंत बाद विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ने सदस्यों से अपील की कि वे प्रश्नकाल में बाधा न डालें और दोपहर 2 बजे ‘सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ पर चर्चा में सहयोग करें, लेकिन हंगामा कम नहीं हुआ।
कल का हंगामा और आज की स्थिति
सोमवार को केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह द्वारा बिल पेश करने के बाद भी सदन में अफरा-तफरी मची रही थी। मंगलवार को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से सीधा आग्रह किया। उन्होंने कहा, “यह कानून विपक्ष की मांग पर पेपर लीक रोकने के लिए लाया गया है, अब इस पर चर्चा करना आपकी जिम्मेदारी है।”
रिजिजू ने बताया कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सदस्य, खासकर युवा सांसद, बिल पर लंबी चर्चा के लिए तैयार हैं। उन्होंने कांग्रेस से युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखकर रचनात्मक बहस में भाग लेने की अपील की।
पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेनेती ने भी विपक्ष से प्लेकार्ड हटाने और सार्थक चर्चा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह बिल छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और सदन लंबे समय से इस बहस का इंतजार कर रहा है। लेकिन विपक्ष नहीं माना और हंगामा जारी रहा, जिसके बाद सदन स्थगित करना पड़ा।
विपक्ष 20 जुलाई के छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई पर जवाब मांग रहा है, जबकि सरकार बिल को राष्ट्रीय महत्व का बताते हुए चर्चा पर जोर दे रही है। दोपहर 2 बजे सदन फिर शुरू होगा, जिसमें पेपर लीक बिल पर चर्चा प्रस्तावित है।







