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एनएचआरसी के विशेष मॉनिटर ने मानवाधिकार शिक्षा, लैंगिक समानता एवं मानवाधिकार-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को बढ़ावा देने हेतु एम्स रायपुर का किया दौरा

रायपुर (विश्व परिवार)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के विशेष मॉनिटर प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने आज एम्स रायपुर का दौरा किया। छत्तीसगढ़ में 21–27 जुलाई 2026 तक आयोजित राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के मानवाधिकार शिक्षा एवं लैंगिक समानता संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत उन्होंने एम्स परिवार के साथ बैठक कर मानवाधिकार-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना विषय पर अपने विचार साझा किए। अपने संबोधन में प्रो. त्रिपाठी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण, सुलभ, सुरक्षित, समानतापूर्ण एवं गरिमापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रत्येक नागरिक का मौलिक मानवाधिकार हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को करुणा, समानता, सम्मान, समावेशिता तथा समान अवसरों के सिद्धांतों पर आधारित रोगी-केंद्रित (Patient-Centred) दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं में मानवाधिकारों की सुरक्षा हेतु संस्थागत व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि चिकित्सा संस्थानों में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने, स्वास्थ्य संस्थानों में हिंसा एवं दुर्व्यवहार की रोकथाम तथा रोगियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रभावी पहल की जा सकती है।
प्रो. त्रिपाठी ने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने हेतु स्टूडेंट ह्यूमन राइट्स एवं जेंडर इक्वालिटी क्लब, क्षमता निर्माण कार्यक्रम, प्रशिक्षण, प्रतियोगिताएँ तथा जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित करने का सुझाव दिया। उन्होंने उपयुक्त संस्थागत मान्यता के साथ प्रशिक्षित छात्र परामर्शदाताओं (Student Counsellors) के विकास की संभावनाओं पर भी विचार करने की बात कही। उन्होंने एम्स रायपुर द्वारा संचालित सीपीआर (CPR) प्रशिक्षण कार्यक्रम, जन-जागरूकता पहलों तथा गैर-सरकारी संगठनों (NGOs) के साथ सहयोग की भी सराहना की।
बैठक के पश्चात प्रो. त्रिपाठी ने डॉ. देबेंद्र कुमार त्रिपाठी, प्रोफेसर एवं चिकित्सा अधीक्षक के साथ एम्स रायपुर के ट्रॉमा एवं आपातकालीन विभाग का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभाग की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं, रोगी देखभाल प्रोटोकॉल, आपदा एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली तथा स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं सुलभता बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने रोगियों एवं उनके परिजनों से संवाद कर आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता, समयबद्धता एवं उपलब्धता के संबंध में प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया प्राप्त की। साथ ही उन्होंने चिकित्सकों, नर्सों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों से चर्चा कर चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में चौबीसों घंटे सेवाएँ प्रदान करने में आने वाली कठिनाइयों को समझा तथा उनके समर्पण की सराहना की।
प्रो. त्रिपाठी ने ट्रॉमा एवं आपातकालीन विभाग की रोगी-केंद्रित कार्यप्रणाली, समयबद्ध, प्रभावी एवं संवेदनशील उपचार व्यवस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि विभाग के प्रयास गरिमा, समानता, सम्मान, रोगी सुरक्षा एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के सिद्धांतों को प्रतिबिंबित करते हैं। उन्होंने चिकित्सकों, नर्सिंग अधिकारियों एवं सहयोगी कर्मचारियों द्वारा व्यावसायिक दक्षता, संवेदनशीलता एवं मानवाधिकार- आधारित दृष्टिकोण के साथ प्रदान की जा रही सेवाओं की भी सराहना की।

दौरे का समापन इस विचार-विमर्श के साथ हुआ कि गुणवत्ता सुधार, क्षमता निर्माण तथा रोगी-केंद्रित कार्यप्रणालियों के माध्यम से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर सुदृढ़ किया जाना आवश्यक है, ताकि प्रत्येक नागरिक को समान, सुलभ एवं गरिमापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध कराई जा सकें।
इस कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एम्स रायपुर; डॉ. एली मोहापात्रा, अधिष्ठाता (शैक्षणिक); लेफ्टिनेंट कर्नल धर्मवीर सिंह चौहान, उपनिदेशक (प्रशासन); डॉ. देबेंद्र कुमार त्रिपाठी, चिकित्सा अधीक्षक; आर. पी. मिरे, सहायक निदेशक (शिक्षा); डॉ. विराट गल्होत्रा, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक; डॉ. अंजलि पाल, एसोसिएट डीन (छात्र कल्याण); डॉ. मृत्युंजय राठौर, उप चिकित्सा अधीक्षक; डॉ. योगेंद्र कीचे, संपर्क अधिकारी (ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस); डॉ. नितिन कश्यप, संपर्क अधिकारी (एससी/एसटी); डॉ. सीमा शाह, अध्यक्ष, छात्रावास समिति; डॉ. बिनु मैथ्यू, अध्यक्ष, आंतरिक शिकायत समिति (ICC); संयम शिखर, अध्यक्ष, छात्रसंघ; आयुष कुमार बिंकर, महासचिव, छात्रसंघ; सुश्री दीपिका पल्ला, छात्रा प्रतिनिधि (एमबीबीएस); सुश्री अनुजा, संयुक्त सचिव (नर्सिंग); प्रवीण परमार, तहसीलदार; राकेश कुमार वर्मा, सीआईडी निरीक्षक, सहित संस्थान के संकाय सदस्य, छात्र-छात्राएँ एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। अपने समापन उद्बोधन में लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल (सेवानिवृत्त), कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एम्स रायपुर ने प्रो. कन्हैया त्रिपाठी का एम्स रायपुर आगमन पर हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनके साथ हुआ संवाद संस्थान के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं उपयोगी रहा।
उन्होंने मानवाधिकार, लैंगिक समानता तथा रोगी-केंद्रित एवं मानवाधिकार-आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए दिए गए उनके बहुमूल्य सुझावों एवं मार्गदर्शन के लिए उनका विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया।

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