नई दिल्ली (विश्व परिवार)। दिल्ली के जंतर-मंतर पर 23 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी मां को भद्दी-भद्दी गालियां देने वाले छात्रों को प्रधानमंत्री ने माफ कर दिया है। शुक्रवार रात तकरीबन 11 बजे प्रधानमंत्री मोदी इंस्टाग्राम पर लाइव आकर वीडियो जारी करते हुए आरोपी बच्चों को माफ करने का संदेश दिया। पीएम मोदी के वीडियो मैसेज पर ‘रामायण’ के लक्ष्मण यानी सुनील लहरी ने रिएक्ट किया है। हम भाग्यशाली हैं, जो हमें ऐसे प्रधानमंत्री मिले। वो दुनिया के लिए टफ मास्टर हैं और अपने देश-देशवासियों के लिए एक मोम की तरह हैं।
सुनील लहरी ने इंस्टाग्राम वीडियो जारी रते हुए ने कहा- हमारे मानयीय प्रधानमंत्री जी का कितना बड़ा दिल है। 20 तारीख के आनंदोल में उन्हें, उनकी स्वर्गीय माता जी को और देश की सेना को लोगों ने उन्हें कितना भला बुरा बोला। उसके बावजूद भी उन्होंने सबको माफ कर दिया। ऐसे प्रधानमंत्री को मेरा कोटि-कोटि नमन।
सुनील लहरी ने आगे कहा कि हम भाग्यशाली हैं, जो हमें ऐसे प्रधानमंत्री मिले. वो दुनिया के लिए टफ मास्टर हैं और अपने देश-देशवासियों के लिए एक मोम की तरह हैं। हो सकता है कि मेरी ये बात कई लोगों को पसंद ना आए। पर मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है। आप लोग खुश रहिए, सुखी रहिए और स्वस्थ रहिए। जय श्रीराम।
क्या बोले प्रधानमंत्री
बता दें कि जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट के दौरान छात्रों ने पीएम नरेंद्र मोदी और उनकी मां को गालियां दी थी। प्रधानमंत्री मोदी ने अब जंतर-मंतर प्रोटेस्ट गालीकांड पर वीडियो संदेश जारी कर उन बच्चों को माफी दे दी है। अपने वीडियो संदेश में Gen-Z को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा- ‘फ्रेंड्स. आज तो मन करता है बस आपसे ही बातें करूं। जंतर मंतर पर जो कुछ भी हुआ देश और दुनिया ने देखा है। कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी भद्दी गालियां बोलीं, किसी भी सभ्य समाज को शोभा ना दे। ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया, मुझे तो गालियां दी गईं, मेरी स्वर्गीय माता को भी भद्दी-भद्दी गालियां दी गईं। न जाने कितना भद्दा स्वरूप था। लेकिन, मैं आज बात करना चाहता हूं कि बचपन में गलतियां होती हैं और बचपन में गलतियों से सुधरने का अवसर भी होता है। यही तो बचपना है। लिहाजा मैं समाज के अंदर जो आक्रोश है उसको भली भांति समझ सकता हूं। एक कल्चरल शॉक है की हमारी बेटियां इस प्रकार की भाषा कैसे बोल सकती हैं?
दांत तले जीभ आने पर दांत नहीं तोड़ते हैं
प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि यह समय है इन बच्चों को गले लगा कर के राह दिखाने का समय है। ये गुमराह बच्चे है। उनको राह दिखाना हमारा काम है। उनको सजा देना अदालतों के चक्कर कटवाना समाज में उनको प्रताड़ित करना इससे हम परिस्थितियाँ नहीं बदल पाएँगे। मैं उन्हें माफ करना चाहता हूँ। समाज भी मेरी इस बात को स्वीकार करें। मेरे मन में एक ही भाव है कभी कभी दांतों तले हमारी जीभ आ जाती है खून निकल आता है लेकिन हम दांत तोड़ते नहीं है क्योंकि दांत भी हमारे हैं, जीभ भी हमारी है। पीएम मोदी ने कहा कि ये बच्चे भी हमारे है, उन्हें राह दिखाना हमारा काम है, गुमराह को राह दिखाना कठिन होता है लेकिन कठिन कामों को करना है। इसलिए आओ मैं इन बच्चों को कहता हूं कि बच्चों आओ हम देश के लिए साथ मिलकर आगे बढ़े। मैं आपके लिए जीता हूं। आपके उज्ज्वल भविष्य के लिए खपता हूं। आओ हम मिलकर के देश को आगे बढ़ाए. बहुत बहुत धन्यवाद दोस्तों. बस आओ गलतियों से सीखो और आगे बढ़ो।
प्रधानमंत्री को गाली देने वाली नाबालिग ने मांगी माफी
इधर अपनी हरकत पर आरोपी रुचिका सिंह (Ruchika Singh Jantar Mantar Viral Girl Apology) ने अब सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है। सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में वह हाथ जोड़कर अपने बयान पर खेद जताती नजर आ रही है। वीडियो में रुचिका कहती है कि वह अपने दोस्तों के साथ कनॉट प्लेस घूमने गई थी. वहां छात्र प्रदर्शन चल रहा था और आसपास मौजूद कुछ लोग प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगा रहे थे. उसने दावा किया कि वह उसी माहौल और भीड़ के प्रभाव में आ गई और उसने भी अनुचित भाषा का इस्तेमाल कर दिया। रुचिका ने वीडियो में कहा, “मैं सिर्फ 15 साल की हूं। मैंने जो कुछ कहा, वह बिल्कुल गलत था। मुझे अपने किए पर बहुत शर्मिंदगी है। मैं पूरे देश से हाथ जोड़कर माफी मांगती हूं। यह मेरी पहली और आखिरी गलती होगी। भविष्य में ऐसी गलती कभी नहीं दोहराऊंगी।
जानें क्या है पूरा मामला
दरअसल ये मामला 23 जुलाई 2026 का है। उस दिन दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में बड़ी संख्या में छात्र और युवा प्रदर्शन कर रहे थे। इसी प्रदर्शन के दौरान नोएडा की रहने वाली रुचिका सिंह (15 साल) नाम की नाबालिग का एक वीडियो सामने आया, जिसमें वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी करती दिखाई दी। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद इस पर कानूनी कार्रवाई की मांग उठने लगी। इससे बाद रुचिका सिंह के खिलाफ नोएडा के एक्सप्रेसवे पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 352, 353(1) और 356(1) के तहत शांति भंग करने, सार्वजनिक शरारत और मानहानि के लिए उकसाने वाले बयानों से संबंधित एक जीरो एफआईआर दर्ज की गई थी। जीरो एफआईआर के रूप में, इसे आगे की जांच के लिए दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में स्थानांतरित करने से पहले उस क्षेत्राधिकार के बाहर दर्ज किया गया था जहां कथित अपराध हुआ था।







