नई दिल्ली (विश्व परिवार)। गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही फिर हंगामे की भेंट चढ़ गई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की बार-बार शांति बनाए रखने की अपील के बावजूद विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी थमने का नाम नहीं ले रही थी। नतीजतन सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
मॉनसून सत्र में अब तक एक भी दिन नहीं चला प्रश्नकाल
विपक्ष लगातार नीट पेपर लीक मामले, प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चंदे में कथित चोरी के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग कर रहा है। इन मुद्दों पर विरोध के कारण सदन का नियमित कामकाज लगभग ठप पड़ा हुआ है। ऐसे में संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र के दौरान अब तक एक भी दिन प्रश्नकाल नहीं हो पाया है। बार-बार के व्यवधानों ने विधायी कामकाज को बुरी तरह प्रभावित किया है।
कल का बिल पास, लेकिन चर्चा नहीं
बुधवार को हंगामे के बावजूद लोकसभा ने एक महत्वपूर्ण बिल पास कर दिया। बिना चर्चा के वॉयस वोट से पास हुए इस कानून का मकसद डिजिटल और वर्चुअल रिकॉर्ड को अदालतों में मान्य सबूत के रूप में मान्यता देना है। यह बैंकिंग से जुड़े सबूतों के कानूनी ढांचे को आधुनिक डिजिटल युग के अनुरूप बनाने की दिशा में कदम है।
संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू बोले- ‘विपक्ष जानबूझकर संसद का कामकाज नहीं होने दे रहा’
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राम मंदिर चंदे के मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस, CPI और समाजवादी पार्टी भगवान राम का लगातार विरोध कर रही हैं। संसद परिसर में विपक्ष द्वारा किए गए “चंदा चोरी” नाटक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे देशभर के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। रिजिजू ने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर संसद का कामकाज नहीं होने दे रहा है।
उन्होंने कांग्रेस के के.सी. वेणुगोपाल पर भी निशाना साधते हुए कहा, “वे अच्छे इंसान हैं, लेकिन अपनी पार्टी के सदस्यों को समझा नहीं पा रहे और सदन की मर्यादा बनाए रखने में असमर्थ हैं।” उन्होंने दोहराया कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है। इस पर वेणुगोपाल ने जवाब दिया, “जिन लोगों ने राम मंदिर को लूटा, वे अब कांग्रेस पर ‘राम विरोधी’ होने का आरोप लगा रहे हैं। ऐसे आरोपों पर लोग हंसेंगे। हम राम मंदिर चंदे का पैसा लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं, और उनके पास इसका कोई जवाब नहीं है।” संसद में गतिरोध जारी है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला बढ़ाए हुए हैं।







