नीति आयोग के उपाध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने अपनी टीम के साथ दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र सियाचिन का दौरा किया। उन्होंने सियाचिन बेस कैंप का दौरा करने के साथ ही उत्तरी ग्लेशियर का हवाई निरीक्षण भी किया। इस बात की जानकारी नीति आयोग की आधिकारिक ‘एक्स’ पोस्ट के जरिए दी गई।
नीति आयोग ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “सियाचिन : सीमाओं पर साहस का साक्षी।” डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने यहां बेहद कठिन इलाके और विषम परिस्थितियों को करीब से देखा, जहां भारतीय सेना के जवान देश की सीमाओं की मजबूती से पहरेदारी करते हैं। दौरे के दौरान सियाचिन ब्रिगेड के कमांडर ने उन्हें ब्रीफिंग दी। डॉ. अशोक कुमार लाहिड़ी ने रॉकक्राफ्ट ट्रेनिंग स्कूल का दौरा किया और सियाचिन वॉर मेमोरियल पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स के मुख्यालय में लेफ्टिनेंट जनरल मदनराज पांडे, जीओसी फायर एंड फ्यूरी कॉर्प्स ने उन्हें लद्दाख के ऑपरेशनल और विकास से जुड़े पहलुओं के बारे में जानकारी दी। इसमें आधुनिकीकरण, लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचे, कनेक्टिविटी और सामाजिक पहुंच जैसे विषय शामिल थे। यह दौरा देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने में भारतीय सेना के साहस, बलिदान और दृढ़ता को उजागर करता है।
सियाचिन बेस कैंप लद्दाख की नुब्रा घाटी में लगभग 12,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह दुनिया के सबसे ऊंचे युद्धक्षेत्र का सैन्य लॉजिस्टिक्स हब और प्रवेश द्वार है। यह लद्दाख के प्रतापपुर क्षेत्र के पास स्थित भारतीय सेना का महत्वपूर्ण सैन्य ठिकाना है। नीति आयोग (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) भारत सरकार का प्रमुख पब्लिक पॉलिसी थिंक टैंक है। इसका गठन 1 जनवरी 2015 को पुराने योजना आयोग की जगह किया गया था। यह एक कार्यकारी और गैर-सांविधिक निकाय है, जिसे कैबिनेट प्रस्ताव के जरिए बनाया गया है।







