नई दिल्ली (विश्व परिवार)। मणिपुर में हिंसा फिर भड़क गई है। मणिपुर के तामेंगलोंग जिले के लीसांगफाई गांव में दो कुकी जनजाति (Kuki people) महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इसके अलावा कई फार्महाउसों में आग लगा दी गई। मृतकों की पहचान किमजालहाई सिंगसोंग और फलनैचोंग सितल्हो के रूप में हुई है। दोनों इसी गांव की रहने वाली थीं। फलनैचोंग खेत में लकड़ियां बटोर रही थीं, तभी उन्हें गोली मार दी गई।
इससे पहले 13 सितंबर को मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में दो महिलाओं समेत चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वहीं मणिपुर में 3 मई 2023 को जातीय हिंसा शुरू होने के बाद अगस्त तक कम से कम 306 लोगों की हत्या हो चुकी है। जबकि 49 लोग अब भी लापता हैं।
जानकारी के मुताबिक लेइसांगफाई गांव में कूकी समुदाय की 60 वर्षीय चोंगा सितल्हाउ और 30 वर्षीय किमजालहाई सिंगसोंग खेत में लकड़ियां बटोर रही थीं। इसी दौरान हथियारबंद लोग पहुंचे और दोनों महिलाओं की गोली मारकर हत्या कर दी। किमजालहाई सिंगसोंग नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद हाल ही में गांव लौटी थीं और माता-पिता की खेती में मदद कर रही थीं। अपराधियों ने कुछ कच्चे फार्म हाउसों को आग के हवाले कर दिया। लोगों का दावा है कि कई ग्रामीणों का अब तक पता नहीं चल पाया है। वहीं, इन दोनों महिलाओं के शव उसी जगह पर खेत में पड़े हुए मिले थे। उनके शरीर पर गोली लगने के निशान थे।
मैतेई-कुकी समुदायों के संघर्ष में हो चुकी 306 लोगों की मौत
वहीं सरकारी आंकड़ोंके मुताबिक मणिपुर में मई 2023 में घाटी इलाकों में रहने वाले मैतेई और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष शुरू हुआ था। उस हिंसा में अब तक कम से कम 306 लोगों की हत्या हो चुकी है। जबकि 49 लोग अभी भी लापता हैं।







