छत्तीसगढ़रायपुर

शिक्षा विभाग में 6,812 पदों पर भर्ती से युवाओं को मिलेगा रोजगार, व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी : शताब्दी पाण्डे

रायपुर (विश्व परिवार)। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता शताब्दी पाण्डे ने राज्य के शासकीय और स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में कुल 6,812 शिक्षक पदों पर शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया को प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ा अवसर बताया है। श्रीमती पाण्डे ने कहा कि यह भर्ती न केवल रोजगार सृजन की दिशा में ठोस कदम है, बल्कि पूरी चयन प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध बनाया गया है।
​भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती पाण्डे ने शनिवार को एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकार वार्ता में बताया कि कुल विज्ञापित पदों में से 5,000 पद शासकीय स्कूलों में नियमित पदों के रूप में भरे जाएंगे, जो अभ्यर्थियों को सुरक्षित और दीर्घकालिक करियर प्रदान करेंगे। वहीं, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में 1,812 संविदा पदों पर नियुक्तियाँ की जा रही हैं। नियमित पदों के लिए परीक्षा का जिम्मा छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) को सौंपा गया है। जिला स्तर पर पूर्व में होने वाले विवादों और देरी को समाप्त करने के लिए राज्य स्तर पर केंद्रीकृत ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) पैटर्न अपनाया गया है, जिससे परिणाम त्वरित और विवादरहित आ सकेंगे। श्रीमती पाण्डे ने कहा कि परीक्षा कार्यक्रम पूरी तरह स्पष्ट और पूर्व-घोषित है। सहायक शिक्षक पद की लिखित परीक्षा 11 अक्टूबर 2026 और शिक्षक पद की परीक्षा 25 अक्टूबर 2026 को होगी। उच्च माध्यमिक स्तर के व्याख्याता पदों के लिए 29 नवंबर 2026 की तिथि तय की गई है, जिसके लिए जल्द ही नए आवेदन भी आमंत्रित किए जाएंगे। भर्ती में सहायक शिक्षक के 2,292 पद, शिक्षक के 1,654 पद, व्याख्याता के 854 पद तथा सहायक शिक्षक विज्ञान/प्रयोगशाला के 200 पद शामिल हैं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्रीमती पाण्डे ने कहा कि आदिवासी और दूरस्थ अंचलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए नियमित पदों में से 2,773 पद ट्राइबल (टी) संवर्ग और 2,227 पद शैक्षणिक (ई) संवर्ग के लिए निर्धारित किए गए हैं। इसी प्रकार, स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम पृष्ठभूमि वाले योग्य अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। श्रीमती पाण्डे ने कहा कि निर्धारित समय-सारणी, केंद्रीकृत मेरिट और ऑनलाइन परीक्षा प्रणाली से युवाओं का विश्वास भर्ती प्रक्रिया पर और मजबूत होगा तथा स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर होकर शिक्षा व्यवस्था सशक्त बनेगी।

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