रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ में भारतमाला परियोजना के तहत राजधानी रायपुर से विशाखापट्टनम तक लगभग 950 किलोमीटर सड़क निर्माण किया जा रहा है. इस परियोजना में रायपुर से विशाखापटनम तक फोरलेन सड़क और दुर्ग से आरंग तक सिक्स लेन सड़क बनाया जाना प्रस्तावित है. इस सड़क के निर्माण के लिए सरकार ने किसानों की जमीनों का अधिग्रहण किया था. इसके एवज में उन्हें मुआवजा दिया जाना है, लेकिन कई किसानों को आज भी मुआवजा नहीं मिल पाया है।
भारतमाला प्रोजेक्ट में गड़बड़ी की जांच भारतभाला प्रोजेक्ट के प्रभावित किसानों को मुआवजा नहीं मिलने और भारतामाला प्रोजेक्ट मैं गड़बड़ी को लेकर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने 6 मार्च को प्रधानमंत्री कार्यालय और
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा और पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की. इस घोटाले को लेकर चरणदास महंत ने विधानसभा बजट सत्र 2025 में भी मुद्दा उठाया था. इसके बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रकरण की जांच सौंपने का निर्णय लिया गया. इसके बाद स मामले में अपनी जांच तेज कर दी है।
भारतमाला प्रोजक्ट में करोड़ों का घोटाला शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि सरकारी अधिकारी, भूमाफिया और प्रभावशाली लोगों ने मिलीभगत करके फर्जी तरीके से लगभग 43 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि हासिल की है. लेकिन जांच में यह राशि और भी बढ़ सकती है।