देशनई दिल्ली

अदाणी डिफेंस ने भारतीय सेना को स्वदेश में बनी पहली लाइट मशीन गन सौंपी

नई दिल्ली (विश्व परिवार)। अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने भारतीय सेना को स्वदेश में विकसित ‘प्रहार’ 7.62 मिमी लाइट मशीन गन (LMG) की 2,000 यूनिट की पहली खेप सौंप दी है। यह उपलब्धि भारत की छोटे हथियार निर्माण क्षमता और रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
पहली खेप की आपूर्ति महज 7 महीनों में पूरी कर ली गई, जो तय समयसीमा से 11 महीने पहले है। इस प्रोजेक्ट का पहला प्रोटोटाइप 6 महीने में तैयार कर लिया गया, जबकि इसके लिए 18 महीने का समय निर्धारित था। इसके बाद बल्क प्रोडक्शन को मंजूरी मिलते ही बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू कर दिया गया।
इस अवसर पर रक्षा मंत्रालय के डीजी एक्विजिशन एवं अतिरिक्त सचिव ए. अनबरासु सहित भारतीय सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित अदाणी डिफेंस की स्मॉल आर्म्स मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में ‘प्रहार’ LMG का निर्माण किया जा रहा है। यह देश की पहली पूर्णतः इंटीग्रेटेड निजी क्षेत्र की स्मॉल आर्म्स यूनिट है, जिससे विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम होगी और स्वदेशी रक्षा उत्पादन को मजबूती मिलेगी। लगभग 100 एकड़ में फैली इस यूनिट में बैरल, बोल्ट कैरियर, रिसीवर निर्माण, एडवांस CNC मशीनिंग, रोबोटिक्स, मेटलर्जी लैब और 25 मीटर की अंडरग्राउंड फायरिंग रेंज जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं।
हर हथियार को तैनाती से पहले कई स्तरों की जांच से गुजरना होता है, जिसमें लाइफसाइकल टेस्टिंग, बैलिस्टिक जांच और विभिन्न परिस्थितियों में ट्रायल शामिल हैं। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि सभी हथियार भारतीय सेना के मानकों पर खरे उतरें।
यह यूनिट बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए तैयार है और हर साल करीब 1 लाख हथियार बनाने की क्षमता रखती है, जिनमें 90 प्रतिशत से अधिक हिस्से का निर्माण देश में ही किया जाता है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं और एमएसएमई सेक्टर को भी मजबूती मिल रही है।
इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित अदाणी डिफेंस के एम्युनिशन कॉम्प्लेक्स से भी इस उत्पादन को सहयोग मिल रहा है, जिसकी स्थापना 2024 में की गई थी। इस यूनिट में हर साल लगभग 30 करोड़ छोटे कैलिबर के गोला-बारूद बनाने की क्षमता है और भविष्य में इसे बड़े और मध्यम कैलिबर उत्पादन के लिए भी विकसित किया जाएगा।
कंपनी की योजना के तहत ग्वालियर यूनिट में आगे क्लोज क्वार्टर बैटल (CQB) हथियारों का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे देश में छोटे हथियारों के स्वदेशी उत्पादन को और मजबूती मिलेगी।

प्रहार लाइट मशीन गन (7.62×51 मिमी) – प्रमुख विशेषताएं:

  • सटीक, मजबूत और भरोसेमंद हथियार
  • ओपन बोल्ट सिस्टम, गैस पिस्टन और रोटेटिंग बोल्ट लॉकिंग
  • सेफ, सेमी-ऑटोमैटिक और ऑटोमैटिक फायरिंग मोड
  • कठिन परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन के लिए गैस रेगुलेटर
  • 120 राउंड असॉल्ट ड्रम या बेल्ट फीड सिस्टम
  • मजबूत और टिकाऊ बायपॉड
  • फील्ड में आसान मेंटेनेंस
  • एडजस्टेबल बट स्टॉक और चीक रेस्ट
  • बैकअप आयरन साइट्स

स्पेसिफिकेशन:

  • कैलिबर: 7.62×51 मिमी
  • बैरल लंबाई: 508 मिमी (20 इंच)
  • कुल लंबाई: 1100 मिमी
  • वजन: 8 किलोग्राम
  • प्रभावी रेंज: 1000 मीटर

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