रायपुर (विश्व परिवार)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर All India Institute of Medical Sciences Raipur ने 6 मार्च 2026 को कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम (POSH) अधिनियम, 2013 पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। यह कार्यक्रम संस्थान की आंतरिक शिकायत समिति (ICC) के तत्वावधान में आयोजित किया गया, जिसमें संकाय सदस्यों, अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्रों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र के साथ हुआ। स्वागत उद्बोधन डॉ. बिनु मैथ्यू, अध्यक्ष, आंतरिक शिकायत समिति द्वारा दिया गया, जबकि डॉ. शगुन ठाकुर, एसोसिएट प्रोफेसर एवं सदस्य सचिव, ICC ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। प्रो. (डॉ.) कृष्णदत्त चावली, डीन (स्टूडेंट वेलफेयर) ने भी उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण बनाए रखने में जागरूकता और संस्थागत जिम्मेदारी के महत्व पर बल दिया।
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण आंतरिक शिकायत समिति के आधिकारिक लोगो का अनावरण था, जिसे छात्रों के बीच आयोजित प्रतियोगिता के माध्यम से चुना गया था। एमबीबीएस 2023 बैच के छात्र श्री गुणिक मालू को विजेता के रूप में सम्मानित किया गया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) डॉ. अशोक जिंदल, कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ, एम्स रायपुर, उपस्थित रहे। अपने संबोधन में उन्होंने संस्थान की उस प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसके तहत सभी के लिए सम्मान, समानता और सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला कार्य वातावरण प्रदान किया जाता है।
उद्घाटन सत्र के पश्चात कार्यस्थल सुरक्षा और POSH अधिनियम पर एक रोचक क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसका संचालन श्री जेक्का प्रदीप, डीएनएस ने ICC सदस्यों के मार्गदर्शन में किया। इस गतिविधि का उद्देश्य प्रतिभागियों में कार्यस्थल से जुड़े अधिकारों, जिम्मेदारियों और POSH अधिनियम के अंतर्गत उपलब्ध सुरक्षा उपायों के बारे में जागरूकता को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम के दौरान कार्यस्थल सुरक्षा और लैंगिक संवेदनशीलता से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों पर तीन विशेषज्ञ व्याख्यान भी आयोजित किए गए। श्री शुभम तोमर, सहायक जिला अभियोजन अधिकारी ने लैंगिकता और पेशेवर सीमाओं पर व्याख्यान दिया। वहीं प्रो. (डॉ.) जयश्री आर. घाटे, विभाग – शरीर क्रिया विज्ञान, एम्स रायपुर ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। इसके अतिरिक्त सुश्री अपूर्वा शर्मा, सहायक प्राध्यापक, Hidayatullah National Law University ने POSH अधिनियम, 2013 के कानूनी प्रावधानों और ढांचे की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम का समापन क्विज, पोस्टर, स्लोगन और लोगो प्रतियोगिताओं के विजेताओं के पुरस्कार वितरण समारोह के साथ हुआ। अंत में डॉ. दिबाकर साहू, डीएमएस, एम्स रायपुर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए वक्ताओं, आयोजकों और प्रतिभागियों के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया। यह जागरूकता कार्यक्रम एम्स रायपुर समुदाय को कानूनी संरक्षण, पेशेवर नैतिकता और सम्मानजनक तथा सुरक्षित कार्यस्थल बनाए रखने के महत्व के प्रति संवेदनशील बनाने का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध हुआ।
इसके माध्यम से संस्थान ने लैंगिक समानता और संस्थागत जवाबदेही के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ किया।





