रायपुर

समाजसेवा के यज्ञ में सतत चार दशकों से आहुति दे रहे अजय मधुकर काले

(विश्व परिवार)। वरिष्ठ समाजसेवी एवं महाराष्ट्र मंडल रायपुर के अध्यक्ष अजय मधुकर काले किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। वे दूरगामी योजनाएं बनाने और उन्हें उपलब्ध संसाधनों के साथ क्रियान्वित करने में दक्ष हैं। लक्ष्य प्राप्ति में आने वाली बाधाओं को न्यूनतम समय में दूर करना उनकी विशेषता है। हिंदी, अंग्रेजी, मराठी और छत्तीसगढ़ी भाषा पर उनकी असाधारण पकड़ है, जिसके कारण वे हर स्तर पर अपनी टीम का सफल नेतृत्व करते हैं।
श्री काले आमजनों, खासकर युवाओं और महिलाओं को अपनी सेवाभावी एवं प्रगतिशील कार्यप्रणाली से जोड़ने में माहिर हैं। नया संगठन बनाना और उसे सफलता के साथ संचालित करना उनकी विशेषता है। वे एक मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं और समाजसेवा के लिए 24 घंटे तत्पर रहते हैं।
एक चर्चा में उन्होंने कहा था कि “समाज कल्याण के लिए जो सपने मैंने देखे हैं, वे मुझे सोने नहीं देते।” साधारण व्यक्तित्व के धनी इस समाजसेवी की उपलब्धियों को शब्दों में व्यक्त करना कठिन है।

उपलब्धियां

  • 17 वर्ष की उम्र में (1985) तात्यापारा युवा संघ का गठन कर समाजसेवा की शुरुआत।
  • नेत्रदान के संकल्प के साथ सफाई अभियान चलाकर क्षेत्र में पहचान बनाई।
  • अब तक 68 मरीजों को रक्तदान कर जीवन बचाया, कई बार अन्य रक्त समूह की व्यवस्था भी की।
  • 55वें जन्मदिन पर देहदान का संकल्प लेकर एम्स को पत्र सौंपा।
  • 1989 से महाराष्ट्र मंडल में दिव्यांग बालिकाओं के शिक्षण और पुनर्वास में महत्वपूर्ण योगदान।
  • 2014 में संस्था को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा “सर्वश्रेष्ठ दिव्यांग सेवा संस्था” पुरस्कार।
  • संत ज्ञानेश्वर विद्यालय के माध्यम से हजारों बच्चों के शिक्षा एवं विकास में योगदान।
  • मेडिकल उपकरण (व्हीलचेयर, ऑक्सीजन, बेड आदि) सुविधा से 2000+ मरीज लाभान्वित।
  • कोरोना काल में क्वारंटाइन सेंटर स्थापित, जहां कोई मृत्यु नहीं हुई।
  • 2023 में बृहन्महाराष्ट्र मंडल द्वारा “सर्वश्रेष्ठ मानव सेवा” सम्मान।
  • यूक्रेन संकट में फंसे छात्रों को सुरक्षित वापस लाने में सहयोग।
  • विभिन्न शहरों में जरूरतमंदों को रक्त एवं चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई।
  • आधार, आयुष्मान और राशन कार्ड शिविरों का आयोजन।
  • 2008 से लगातार नेतृत्व करते हुए महाराष्ट्र मंडल को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
  • 9 करोड़ की लागत से आधुनिक महाराष्ट्र मंडल भवन का निर्माण।
  • फिजियोथेरेपी सेंटर सहित स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार।
  • कार्यरत महिलाओं और छात्राओं के लिए सुरक्षित आवास व्यवस्था।
  • 17 महिला केंद्रों के माध्यम से झुग्गी बस्तियों में शिक्षा व संस्कार अभियान।
  • बाल वाचनालय और वरिष्ठ नागरिकों के लिए गतिविधि केंद्र की स्थापना।
  • 2025 में वरिष्ठ नागरिकों के लिए “सियान गुड़ी सदन” की शुरुआत।
  • 10,000+ पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान।
  • युवाओं के लिए रोजगार व उद्यमिता शिविरों का आयोजन।
  • खेल, कला और संस्कृति के क्षेत्र में कई बड़े आयोजन।
  • श्रमिक संगठनों में नेतृत्व करते हुए सामाजिक कार्य।
  • राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न सम्मानों से सम्मानित।
  • “जाणता राजा” जैसे सांस्कृतिक आयोजनों में महत्वपूर्ण भूमिका।

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