• छत्तीसगढ़-विजन @ 2047: चुनौतियाँ, दायित्व एवं सुझाव पर व्यापक मंथन
• उद्घाटन सत्र में शामिल होंगे प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
• तकनीकी सत्रों में शोधार्थियों को अपनी शोध-परियोजनाओं एवं नवीन विचारों को प्रस्तुत करने का मिलेगा अवसर
रायपुर (विश्व परिवार)। आंजनेय यूनिवर्सिटी, नरदहा, रायपुर में 21 मार्च से 23 मार्च 2025 तक तीन दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन “छत्तीसगढ़-विजन @ 2047: चुनौतियाँ. दायित्व एवं सुझाव” का आयोजन उच्च शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त तत्त्वावधान में किया जा रहा है। यह सम्मेलन हाइब्रिड मोड (ऑफलाइन एवं ऑनलाइन) में आयोजित किया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी, शोधार्थी, शिक्षाविद, इंडस्ट्री प्रोफेशनल्स भाग ले सकें। सम्मेलन का उद्घाटन छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किया जाएगा। इस तीन दिवसीय आयोजन में विभिन्न तकनीकी सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें शिक्षाविद, प्रशासनिक अधिकारी एवं विषय विशेषज्ञ मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।
चांसलर अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के विकास को 2047 तक एक समृद्ध. आत्मनिर्भर एवं प्रगतिशील राज्य बनाने की दिशा में आवश्यक रणनीतियों पर विचार करना है। इस अवसर पर तकनीकी नवाचारों का समावेश, औद्योगिक विकास, डिजिटल परिवर्तन, तकनीकी अनुसंधान, नीति निर्माण और सामाजिक न्याय के योगदान एवं चुनौतियों पर विशेष रूप से चर्चा होगी। यह आयोजन उन सभी शोधकर्ताओं, शिक्षकों, विद्यार्थियों और विशेषज्ञों के लिए एक बेहतर मंच साबित होगा जो छत्तीसगढ़ के भविष्य पर मंथन करना चाहते हैं। विद्यार्थियों, शोधार्थियों और शिक्षाविदों को अपनी शोध-परियोजनाओं एवं नवीन विचारों को प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त होगा।
प्रो वाईस चांसलर ने कहा कि क्षेत्रीय सम्मेलन को सफल बनाने में कई प्रतिष्ठित कंपनियों एवं संस्थानों का समर्थन प्राप्त हो रहा है। जिनमें प्रमुख रूप से जिंदल पैंथर टीएमटी, श्री धन्वन्तरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर, सर्वोतम ऑइल, सारडा एनर्जी एंड मिनिरल्स लिमिटेड, निको, नवी वेल्थ, मैजिक पेंट्स, बिलासा ब्लड बैंक एवं एमकेजी फाउंडेशन सम्मिलित हैं। इन संस्थानों के सहयोग से इस आयोजन को व्यापक स्तर पर प्रभावशाली बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।
कार्यक्रम सचिव डॉ. प्रांजलि गनी ने कहा कि हमें ऐसी आशा है कि आंजनेय यूनिवर्सिटी के इस प्रयास से न केवल एक स्पष्ट विकसित दृष्टि मिलेगी, बल्कि यह सम्मेलन अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करेगा।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. टी रामाराव, महानिदेशक डॉ. बी सी जैन उपस्थित रहे।