औरंगाबाद (विश्व परिवार)। दौंड तहसील के भांडगांव स्थित भक्तामर कलश तीर्थ मंदिर को हाल ही में यू-एन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स, लंदन में दर्ज किया गया है। इस संबंध में प्रमाणपत्र शनिवार (दि. 14) को 1008 आदिजिन पंचमेरु मानस्तंभ पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के अवसर पर मंदिर प्रशासन को प्रदान किया गया। यह मंदिर कलशाकार रचना वाला विश्व का पहला जैन मंदिर है।
भांडगांव का भक्तामर कलश तीर्थ मंदिर पवित्र अष्टमंगल (आठ शुभ चिन्ह) की आध्यात्मिक अवधारणा पर आधारित है। मंदिर की वास्तु रचना अत्यंत आकर्षक है। लगभग 70 से 80 फुट व्यास और 45 से 50 फुट ऊंचाई वाले इस मंदिर के निर्माण में सफेद पत्थर और संगमरमर का उपयोग किया गया है। मंदिर का कुल क्षेत्रफल लगभग 20 से 25 हजार वर्गफुट है।
मंदिर में भगवान मुनिसुव्रतनाथ (20वें तीर्थंकर) की प्रतिमा प्रतिष्ठित की गई है। भक्तामर स्तोत्र पर आधारित यह मंदिर भक्ति, संस्कृति और स्थापत्य परंपरा का अद्वितीय प्रतीक है।
इन सभी विशेषताओं को ध्यान में रखते हुए यू-एन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में इसका पंजीकरण कर मंदिर को गौरव प्रदान किया गया है। यह मंदिर आध्यात्मिक मार्गदर्शन में निर्मित हुआ है और जैन धर्म की पवित्र परंपरा, भक्ति तथा स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाएगा। यह उपलब्धि भारतीय आध्यात्मिक परंपरा और स्थापत्य कला के गौरव का प्रतीक है, ऐसा इस अवसर पर बताया गया।
वैश्विक प्रमाणपत्र पर अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अविनाश सकुंदे और अंतरराष्ट्रीय समन्वयक प्रो. बुहारी इसाह के हस्ताक्षर हैं।





