- सदन में आश्वासन देने के बाद भी काम नहीं होने का लगाया आरोप
- प्रमोद मिंज ने सरगुजा जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का मामला उठाया
- अटेच चिकित्सको को मूल विभाग में लौटाया जाएगा : स्वास्थ्य मंत्री
रायपुर (विश्व परिवार)। विधानसभा के प्रश्रकाल के दौरान आज भाजपा की विधायक एवं राष्ट्रीय पदाधिकारी लता उसेंडी ने स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सदन में वायदा खिलाफी को लेकर भडक़ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषी अधिकारियों पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है, बल्कि उनके सेवा अवधि में वृद्धि की जा रही है। इस पर तंज कसते हुए कांग्रेस के कवासी लखमा ने कहा कि भाजपा की राष्ट्रीय पदाधिकारी एवं वरिष्ठ नेता का मामला है, कृपया इसे गंभीरता से लें।
विधानसभा में आज प्रश्रकाल के दौरान भाजपा विधायक एवं सगठन की पदाधिकारी लता उसेंडी ने उनके क्षेत्र में सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उप स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की मांग की। उन्होंने कहा कि विधायकों द्वारा जो आवेदन स्वास्थ्य मंत्री को दिए जाते हैं, उन्हें तवज्जों नहीं दिया जाता, उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शिविर लगाने के लिए मौखिक आदेश अथवा लिखित आदेश देना पड़ता है। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश एवं जिला स्तर पर स्वास्थ्य शिविर लगाने के लिए लिखित आदेश देना पड़ता है। पूरक प्रश्र के माध्यम से उन्होंने पूछा कि शासकीय विभाग में भुगतान को लेकर मौखिक आदेश दिया जाता है अथवा लिखित आदेश। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री ने इस आदेश आश्वासन दिया था, लेकिन अभी तक इस आदेश का पालन प्रतिपालन नहीं हुआ। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब नए वित्तीय वर्ष में इसका प्रावधान किया जा रहा है। इसको लेकर भाजपा विधायक भडक़ गई, उन्होंने कहा कि पहले अपने वायदा पूरा करें। उसके बाद नया आश्वासन दें। कांग्रेस के कवासी लखमा ने कहा कि लता उसेंडी संगठन की राष्ट्रीय पदाधिकारी हैं, इसलिए इनकी मांगों पर ध्यान देना चाहिए। इसको लेकर विपक्ष के सदस्यों ने भी सरकार को घेरा स्वास्थ्य मंत्री के क्रियाकलापों को लेकर अजय चन्द्राकर ने भी आलोचना की।
सरगुजा में स्वास्थ्य सेवाओं के खस्ता हॉल पर सवाल उठाया प्रमोद मिंज ने
भाजपा के प्रमोद मिंज ने सरगुजा जिले के विभिन्न समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में चिकित्सों एवं अन्य कर्मियों के कमी का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि इससे लोगों को उचित स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल रही है, जिसके कारण लोग परेशान हैं। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने सदन में आश्वासन दिया कि शीघ्र ही स्वास्थ्य सेवाओं में संलग्र चिकित्सकों को हटाया जाएगा।





