छत्तीसगढ़रायपुर

एनआईटी रायपुर में ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता कैंप का किया गया आयोजन

रायपुर (विश्व परिवार)। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) रायपुर द्वारा द डियर फाउंडेशन, स्विट्ज़रलैंड के सहयोग से 10 फरवरी 2026 को ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता कैंप का आयोजन किया गया। यह पहल ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने, शीघ्र पहचान तथा निवारक देखभाल को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई, ताकि लोगों को समय पर जीवनरक्षक जानकारी मिल सके।
कार्यक्रम में डॉ. समीर बाजपेई, निदेशक (प्रभारी), एन आई टी रायपुर, सोनजा डिनर, अध्यक्ष, द डियर फाउंडेशन, स्विट्जरलैंड, सेविम अराज़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी , द डियर फाउंडेशन, स्विट्जरलैंड, डॉ. अजय भटनागर, वैज्ञानिक सलाहकार, द डियर फाउंडेशन, स्विट्जरलैंड , डॉ सौरभ तिवारी, मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट, बाल्को कैंसर सेंटर और श्रीमती ज्योति रमना राव उपस्थित रही | इसके साथ ही डॉ एन डी लोंढे, रजिस्ट्रार, एन आई टी रायपुर, डॉ. सुधाकर पांडे, हेल्थकेयर एडवाइजरी कमेटी एनआईटी रायपुर के अध्यक्ष और विभागाध्यक्ष, सूचना प्रोद्योगिकी विभाग, डॉ. अनूप कुमार तिवारी, एसोसिएट प्रोफेसर, ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंस और अध्यक्ष, ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता कैंप, डॉ. मृदु साहू, असिस्टेंट प्रोफेसर, सूचना प्रोद्योगिकी विभाग और कार्यक्रम समन्वयक, ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता कैंप, फैकल्टी सदस्य एवं छात्र-छात्राएं भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस शिविर के शुरुआत में डॉ. अनूप कुमार तिवारी ने विशिष्ट अतिथियों का परिचय देते हुए फाउंडेशन की प्रेरणा और उद्देश्य के बारे में बताया । डॉ. समीर बाजपेई ने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य जागरूकता शिविर समाज में निवारक स्वास्थ्य देखभाल को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में कई स्वास्थ्य विषयों पर लोग खुलकर बात नहीं कर पाते, इसलिए विद्यार्थियों को जागरूकता फैलाने का माध्यम बनना चाहिए, क्योंकि एक जागरूक विद्यार्थी हजारों लोगों तक सही जानकारी पहुंचा सकता है। उन्होंने इस पहल के लिए सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता की कामना की।
सोनजा डिनर ने कहा कि यह पहल केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा और जागरूकता से भी जुड़ी हुई है। उन्होंने बताया कि भारत में ब्रेस्ट कैंसर के कारण अनेक महिलाओं की मृत्यु होती है, जबकि समय पर पहचान से इसे रोका जा सकता है। उन्होंने सभी महिलाओं को महीने में एक बार स्वयं जांच करने और किसी भी असामान्यता पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करने की सलाह दी । इस दौरान विशेषज्ञों ने ‘डियर यू’ मोबाइल ऐप की जानकारी भी दी, जो स्वयं जांच की प्रक्रिया समझने में सहायक है।
डॉ. अजय भटनागर ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर से मृत्यु का प्रमुख कारण भय और जानकारी की कमी है। उन्होंने कहा कि अधिकतर महिलाएं दूसरे या तीसरे चरण में अस्पताल पहुंचती हैं, जबकि प्रारंभिक पहचान से जीवित रहने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसी उद्देश्य से एक निःशुल्क मोबाइल ऐप विकसित किया गया है, जिससे महिलाएं घर बैठे स्वयं जांच करना सीख सकती हैं। उन्होंने गांठ या कठोर उभार जैसे लक्षणों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।
डॉ. सौरभ तिवारी ने कहा कि महिलाएं परिवार की आधारशिला होती हैं, इसलिए ब्रेस्ट कैंसर केवल एक व्यक्ति नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को प्रभावित करता है। उन्होंने बताया कि समस्या उपचार की कमी नहीं, बल्कि जागरूकता की कमी है। उन्होंने स्वयं ब्रेस्ट परीक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि सामान्य ऊतक मुलायम होता है, जबकि टेनिस बॉल या अखरोट जैसी कठोर गांठ होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। त्वचा का मोटा होना या असामान्य रक्तस्राव भी चेतावनी संकेत हो सकते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों ने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर देते हुए फल-सब्जियों और साबुत अनाज युक्त आहार, धूम्रपान एवं शराब से परहेज, स्वस्थ वजन बनाए रखने तथा नियमित स्वयं जांच करने की सलाह दी। सभी वक्ताओं ने संदेश दिया कि “जागरूकता ही बचाव है।”
अंत में एक उत्तम फीडबैक सत्र का आयोजन हुआ जिसमें उपस्थित सदस्यों द्वारा कैंसर से जुड़े सवाल प्रतिभागियों ने पूछे जिसका सभी विशेषज्ञों ने उत्तम जवाब दिया | इसके बाद डॉ. मृदु साहू द्वारा दिए गए धन्यवाद ज्ञापन से कार्यक्रम का समापन हुआ |

Leave A Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts