- विकसित भारत के अनुरूप होगा बजट
- 1.50 लाख करोड़ को बजट होगा अनुमानित
रायपुर (विश्व परिवार)। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र 23 फरवरी से शुरू हो रहा है। वर्ष 2026-27 का बजट 24 फरवरी को पेश किया जाएगा। यह बजट छत्तीसगढ़ के विकसित विजन को लेकर बनाया जा रहा है। बजट में महिला, किसान, मजदूर एवं युवाओं तथा अधोसंरचना विकास के लिए महत्वपूर्ण घोषणा किए जाने की संभावना है।
आज वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने बताया कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के कार्यकाल का तीसरा बजट 24 फरवरी को पेश किया जाएगा। पहले बजट में ज्ञान और दूसरे बजट गति को महत्व दिया गया था। तीसरे बजट में विकसित भारत को महत्व दिया जाएगा। मोदी की गारंटी और भाजपा घोषणा पत्र के अनुरूप यह बजट बनाया जाएगा, जिसमें सरकार का विजन स्पष्ट होगा। बजट में गुड गर्वेस को भी महत्व दिया जाएगा। बजट पेश करने के बाद होली का अवकाश रहेगा, इसके पश्चात इस पर चर्चा होगी।
विकसित भारत के अनुरूप होगा बजट
छत्तीसगढ़ का वर्ष 2026-27 का बजट 1.50 लाख करोड़ होने का अनुमान है, पिछले वर्ष 2025-26 का बजट एक लाख 20 हजार के आसपास था। वित्तीय घाटा एवं राजकोषीय घाटे को देखते हुए इस बजट को बनाय जा रहा है। बजट मे स्थापना व्यय पर नियंत्रण पाते हुए, अधोसंरचना विकास को महत्व दिए जाने संभावना है। जीएसटी लागू करने के बाद नया कर नहीं लगाया जा सकता, इसलिए सरकार को अब केन्द्र की राशि पर निर्भर रहना पड़ता है। सरकार को पंचायत विभाग के अधीन आवास योजना, सडक़ योजना, शिक्षा विभाग में मिड-डे-मिल तथा स्वास्थ्य विभाग में पीएम केयर तथा नेत्र ऑपरेशन एवं एड्स के लिए बड़ी राशि दी जाती है। नगरीय निकाय में शहरी-गरीबी अपशमन योजना तथा भागीरथी योजना एवं जेएनआरयूएम योजना संचालित की जाती है, जबकि गृह विभाग में आकांक्षी योजना के नाम एक बड़ी राशि आती है। पीडब्ल्यूडी तथा सिंचाई विभाग में भी बड़ी राशि खर्च की जाएगी। नया मेडिकल कॉलेज, पोलिटेक्रिक कॉलेज, कृषि महाविद्यालय, आईटीआई खोले जाएंगे।
कई योजनाओं का नाम बदलने की तैयारी
केन्द्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलकर बीजी राम-जी कर दिया गया है, इसी तरह राज्य सरकार के भी विभिन्न योजनाओं का नाम बदलने जाने योजना है। महतारी वंदन योजना, कृषि उन्नत योजना के तहत कई योजनाएं महिलाओं और किसानों के लिए चल रही है। युवाओं तथा बुजुर्गों के लिए भी कई योजनाएं संचालित की जाएगी।





