रायपुर

राज्य की जनजातियों का संवर्धन एवं वनोपज के प्रसंस्करण में सिपेट एक अत्यंत प्रभावी माध्यम है: यज्ञदत्त शर्मा

रायपुर (विश्व परिवार)। “छत्तीसगढ़ जैसा राज्य जहाँ बड़ी संख्या में जनजातीय समुदाय निवास करता है, वहां सिपेट जैसे संस्थान जनजातीय समुदाय के युवाओं को नवीनतम तकनीक से जोड़कर, प्रशिक्षण के माध्यम से विकास की मुख्य धारा से जोड़ने में एवं वनोपज के प्रसंस्करण पश्चात उसकी विधिवत पैकिंग की तकनीक एवं सामग्री प्रदान कर अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, भविष्य में सिपेट में उपलब्ध तकनीक एवं सुविधाओं का प्रदेश में विकाश हेतु एवं प्लास्टिक्स सामान क्रय के दौरान गुणवत्ता निर्धारण हेतु और प्रभावी उपयोग किया जा सकता है” यह उदगार व्यक्त किये गए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा जी द्वारा सिपेट के भनपुरी, रायपुर स्थित केंद्र में 23 एवं 24 मार्च की अवधि में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के अंतर्गत सम्पूर्ण राज्य में स्थित मार्ट्स, प्रसंस्करण इकाइयों एवं मुख्यालय में कार्यरत अधिकारी एवं कर्मचारियों हेतु वनोपज एवं आयुर्वेदिक औषधियों की प्लास्टिक्स जार एवं बोतल पैकेजिंग विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के प्रथम दिन प्लास्टिक्स जार्स एवं वाटल्स के उत्पादन की तकनीक, उपयोग होने वाले कच्चे माल एवं मशीनों की जानकारी दी गई तथा प्रैक्टिकल सेशन का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण के प्रथम दिन छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के उपाध्यक्ष यज्ञदत्त शर्मा जी द्वारा सिपेट का भ्रमण कर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कार्मिकों के साथ प्रशिक्षण पर चर्चा कर बारीकियों को जाना तत्पश्चात सिपेट रायपुर के तकनीकी विभाग जैसे टूलरूम, प्रसंकरण विभाग आदि का भ्रमण कर मौजूद अधोसंरचनाओं, आधुनिक मशीनों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की गई एवं छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के अंतर्गत वनोपज एवं आयुर्वेदिक औषधियों की पैकेजिंग हेतु निर्मित होने वाले प्लास्टिक्स जार एवं बोतल का अवलोकन किया गया, श्री शर्मा द्वारा सिपेट की NABL से मान्यता प्राप्त प्लास्टिक्स परीक्षणशालाओं का अवलोकन कर प्लास्टिक्स हेतु निर्धारित अन्तर्राष्ट्रीय मानकों (IS Standards) की जानकारी ली गई एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में इनकी उपयोगिता एवं भूमिका पर चर्चा की गई तथा अवगत कराया गया की तत्सम्बंध में सरकार के स्तर पर सहयोग सुनिश्चित किया जावेगा जिससे सिपेट की सुविधाओं का और प्रभावी उपयोग कर सरकार स्तर पर विभिन्न विभागों में प्लास्टिक्स के गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की आपूर्ति होवे।
यज्ञदत्त शर्मा द्वारा सिपेट में संचालित रोज्गारुन्मुखी कौशल विकास कार्यक्रम एवं दीर्घावधि तकनीकी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की जानकारी ली गई, जिस पर सिपेट के अधिकारी द्वारा अद्गत कराया गया की सिपेट रायपुर द्वारा अपने स्थापना वर्ष 2016 से आज दिनांक तक प्रदेश के 9000 से अधिक युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान कर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गए है एवं दीर्घावधि पाठ्यक्रमों में 1000 से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराये गए है।

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