- दिल्ली में हर्षोल्लास के साथ संत सेवालाल जयंती का आयोजन
नई दिल्ली (विश्व परिवार)। देश में सौ वर्षों के बाद जाति सर्वेक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदेश जारी किया गया है। देशभर के सभी बंजारा समुदाय के लोगों से अपील करते हुए पूर्व लोकसभा सदस्य एवं ऑल इंडिया बंजारा सेवा संघ के कार्याध्यक्ष डॉ. उमेश जाधव ने कहा कि जाति कॉलम में ‘बंजारा’ दर्ज करें ताकि लम्बाणा समुदाय की सटीक जनसंख्या का आंकड़ा प्राप्त हो सके। उन्होंने 28 फरवरी को नई दिल्ली के डॉ अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित संत सेवालाल महाराज की 287वीं जयंती तथा श्री रूप सिंह महाराज की पुण्यतिथि कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि बंजारा समुदाय के उज्ज्वल भविष्य के लिए सही जनसंख्या का पंजीकरण अत्यंत आवश्यक है। जाति कॉलम में ‘बंजारा’ तथा धर्म कॉलम में ‘गोर समाज’ दर्ज किया जाना चाहिए। साथ ही संविधान की आठवीं अनुसूची में लम्बाणी भाषा को शामिल करने के लिए प्रयास करना चाहिए। यदि बंजारा समाज एकजुट नहीं हुआ तो भविष्य में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि नई दिल्ली में बंजारा समुदाय के विकास एवं समस्याओं पर चर्चा हेतु एक गैर-राजनीतिक कार्यालय की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। डॉ. जाधव ने कहा कि प्रत्येक राज्य सरकार को बंजारा समुदाय की जनसंख्या के अनुसार मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व देना चाहिए। तेलंगाना और कर्नाटक में मंत्री पद न दिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रातःकाल समुदाय के संतों एवं गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में जगदंबा देवी की भोग पूजा सम्पन्न हुई। इसके पश्चात 26 से अधिक राज्यों से आए बंजारा समाज के लोगों एवं सांस्कृतिक दलों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। चित्रदुर्ग की सावित्रीबाई एवं उनके दल तथा सुभाष राठौड़ ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं। कार्यक्रम में तेलंगाना के पूर्व विधान परिषद सदस्य रामलू नायक, गोर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष बालासाहेब नायक, अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य हुसैन नायक, कर्नाटक तांडा विकास निगम के अध्यक्ष जयदेव नायक, ऑल इंडिया बंजारा सेवा संघ के अध्यक्ष शंकर पवार, पूर्व सांसद डी.बी. पाटील, कालू बाबा उज्जयिनी सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
महाराष्ट्र के जल एवं मृदा संरक्षण मंत्री संजय राठौड़ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। पौरादेवी के शेखर महाराज ने आशीर्वचन दिया। पूज्य सिद्धलिंग स्वामीजी, अनिल महाराज, माता लतादेवी, जुगन महाराज, राम चैतन्य महाराज, श्रीमती शीतल संजय राठौड़, श्रीमती कविता, शिवराज पाटील रद्देवाडगी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।




