नई दिल्ली (विश्व परिवार)। कुवैत ने गुरुवार को कहा कि ड्रोन हमले के कारण तेल समृद्ध इस छोटे से देश में एक तेल रिफाइनरी में भीषण आग लग गई। सरकारी समाचार एजेंसी कुवैत पेट्रोलियम कॉरिशन ने यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी एपी के अनुसार, कुवैत ने यह भी बताया कि ड्रोन हमले के बाद एक दूसरी तेल रिफाइनरी में भी आग लग गई है। एजेंसी ने कहा कि डीन हमले के कारण मीना अल-अहमदी रिफाइनरी में आग लगी, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ। यह रिफाइनरी मध्य पूर्व की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है, जिसकी पेट्रोलियम उत्पादन क्षमता प्रतिदिन 7,30,000 बैरल है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब ईरान ने गुरुवार को अपने खाड़ी अरब पड़ोसी देशों के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर दिए। इजरायल द्वारा अपने मुख्य प्राकृतिक गैस क्षेत्र पर किए गए हमले के जवाब में ईरान ने कतर के द्रवीकृत प्राकृतिक गैस संयंत्रों और कुवैत की एक तेल रिफाइनरी में आग लगा दी। मध्य पूर्व युद्ध में यह एक बड़ा तनाव है जिसके कारण वैश्विक ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। संयुक्त अरब अमीरात के तट पर एक जहाज जल गया और कतर के तट पर एक अन्य जहाज क्षतिग्रस्त हो गया, जो होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण के कारण जहाजों के सामने मंडरा रहे निरंतर खतरे को रेखांकित करता है। विश्व बाजारों के लिए प्राकृतिक गैस का एक प्रमुख स्रोत कतर ने कहा कि ईरानी मिसाइल हमलों के बाद एक प्रमुख एलएनजी संयंत्र में लगी आग को दमकलकर्मियों ने बुझा दिया। पहले के हमलों के बाद वर्ता उत्पादन पहले ही रोक दिया गया था, लेकिन कतर ने कहा कि मिसाइलों की नवीनतम लहर ने बड़े पैमाने पर आग और व्यापक क्षति का कारण बनी। इस संयंत्र को हुए नुकसान के कारण ईरान युद्ध समाप्त होने के बाद भी कतर को बाजार में अपनी आपूर्ति पहुँचाने में देरी हो सकती है। कुवैत की मौना अल अहमदी रिफाइनरी पर ड्रोन हमले में आग लग गई, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ, यह जानकारी सरकारी समाचार एजेंसी चह्न ने दी। यह रिफाइनरी प्रतिदिन 7,30,000 बैरल पेट्रोलियम उत्पादन क्षमता के साथ मध्य पूर्व की सबसे बड़ी रिफाइनरियों में से एक है। अबू धाबी के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें हबशान गैस संयंत्र और बाब क्षेत्र में परिचालन बंद करने के लिए मजबूर होना पड़ा, और उन्होंने इन स्थलों पर ईरान के रात भर के हमलों को खतरनाक वृद्धि बताया। कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सभी ने ईरानी हमलों की निंदा की
कतर पर हमले से 12 मुस्लिम देश नाराज
ईरान सब्र का इम्तिहान न ले, हमारे पास जवाब देने की ताकत-सऊदी
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 20वां दिन है। ईरान ने बुधवार को कतर के सबसे बड़े गैस प्लांट रास लफान% पर हमला किया था, जिसके बाद आज 12 मुस्लिम देशों ने ईरान के खिलाफ नाराजगी जताई है। इन देशों ने ईरान से तुरंत हमले रोकने को कहा है। यह बयान सऊदी की राजधानी रियाद में हुई बैठक के बाद सामने आया, जिसमें सऊदी अरब, कतर और श्व समेत कई देश शामिल थे।इन देशों ने कहा कि ईरान रियाहशी इलाकों पर हमला कर रहा है, जी बिल्कुल गलत है और इसे किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता ।सऊदी ने भी ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। सऊदी के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद ने कहा कि हमारे देश के पास ईरान को जवाब देने की पूरी ताकत है। ईरान के हमले पहले से प्लान किए गए लगते हैं और हमारे सन्न का इम्तिहान न लें। अमेरिका की खुफिया ए एजेंसी की प्रमुख तुलसी गबार्ड ने कहा है कि ईरान ने अपना न्यूक्लियर प्रोग्राम फिर से से शुरू नहीं किया है। उनके मुताचिक, पिछले साल जून के हमलों के बाद ईरान की यह ताकत लगभग खत्म हो गई थी। यह बात राष्ट्रपति ट्रम्प के दावों से अलग है। ट्रम्प कहते रहे हैं कि ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम खतरा है और इसी वजह से हाल का युद्ध जरूरी था। गवार्ड ने कहा कि 2025 में अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद ईरान ने इसे दोबारा शुरू करने की कोई कोशिश नहीं की।





