- आदिवासी जिलों परियोजना मंडल की बैठक नहीं होने से परियोजनाओं को स्वीकृति नहीं मिल रही है
रायपुर (विश्व परिवार)। केन्द्र द्वारा आदिवासी उप योजना के तहत एवं केन्द्र द्वारा आबंटित राशि का उपयोग अनुसूचित क्षेत्र वाले जिलों में नहीं होने का मामला सदन में गूंजा। आदिम जाति मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि इस योजना हेतु कोण्डागांव जिले को 189 लाख रूपए का आबंटन प्राप्त हुआ है। एकलव्य स्कूल के लिए आदिवासी जिलों में जमीन को लेकर सबसे बड़ी समस्या है। इसलिए सभी सदस्य इसके लिए सहयोग करें।
विधानसभा में आज भाजपा के नीलकंठ टेकाम एवं अन्य आदिवासी सदस्यों ने आरोप लगाया कि आदिवासी परियोजना मंडल का गठन नहीं किया गया है। जिसके कारण आदिवासी क्षेत्रों में कार्य नहीं हो पा रहे हैं। भाजपा सदस्य नीलकंठ टेकाम ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में तीन एकलव्य स्कूल स्वीकृति किए गए हैं, लेकिन इसका भवन निर्माण नहीं हुआ है। इसलिए बच्चे अन्यंत्र बैठते है, जिससे उन्हें परेशानी हो रही है। आदिम जाति मंत्री रामविचार नेता ने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा इसके लिए नियम बनाए गए हैं। भारत सरकार द्वारा वन पट्टा अधिनियम के तहत स्वीकृति मिलने के पश्चात ही कार्यवाही होती है। मानपुर-मोहला के इन्द्रशाह मण्डावी सहित गरियाबंद के विधायक ने भी यह मामला उठाया।
कांग्रेस के विधायक एवं पूर्व मुख्यमत्री भूपेश बघेल ने कहा कि भारत सरकार द्वारा 5 एकड़ में निर्मित शाला भवनों एवं अन्य संस्थानों के निर्माण के लिए कलेक्टर को मंजूरी देने का नियम बनाया गया था। जिसके चलते यहां कार्य हुए इसलिए इस संबंध में राज्य सरकार केन्द्र से पत्र व्यवहार करें, ताकि वनभूमि क्षेत्रों में भवन का निर्माण शीघ्र हो सके। इस चर्चा में कांग्रेस का विक्रम मण्डावी ने भी भाग लिया।
पशुओं का संरक्षण एवं संवर्धन करना पशु विभाग का काम
कांग्रेस के कुंवर सिंह निषाद द्वारा पूछे गए पश्र के उत्तर पशुपालन मंत्री रामविचार नेताम ने बताया कि गौधाम योजना के तहत 11 गौठानों का पंजीयन किया गया है। वर्तमान में 3 गौधाम शामिल है। पशुओं को चारा, पानी एवं चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना हमारे विभाग का दायित्व है। घुमतू पशुओं के बारे में उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में नगर निगम और ग्रामीण क्षेत्र में ग्राम पंचायत का काम है।





