नई दिल्ली (विश्व परिवार)। अमेरिका के विदेश सचिव मार्को रुबियो G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होने के लिए फ्रांस पहुंचे। इस मौके पर रुबियो का साथ देने के लिए भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर भी फ्रांस पहुंचे। फ्रांस में उन्होंने रुबियो के साथ-साथ भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दी।
मुलाकात की तस्वीरें साझा कर राजदूत गोर ने लिखा, “फ्रांस में G7 मंत्री स्तरीय मीटिंग के लिए के साथ जुड़कर खुशी हुई। हमारे सहयोगियों और साझेदारों के साथ अच्छी चर्चा हुई।” अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने G7 देशों के विदेश मंत्रियों के साथ इस बैठक में कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान समय-सीमा के अनुसार या उससे आगे चल रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसके लक्ष्य महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में पूरे हो जाएंगे। हालांकि, ये बात अमेरिकी सरकार ने पहले भी कही है।
रुबियो ने कहा कि इस मिशन की शुरुआत से ही स्पष्ट रूपरेखा तय की गई थी। उन्होंने कहा, “हम ईरान की नौसेना को नष्ट करेंगे, उनकी वायुसेना को नष्ट करेंगे। हम मूल रूप से उनकी मिसाइल और ड्रोन बनाने की क्षमता को उनकी फैक्ट्रियों में खत्म कर देंगे।” उन्होंने जोड़ा कि इस अभियान का उद्देश्य “मिसाइल लॉन्चरों की संख्या को काफी कम करना” है, ताकि ईरान “इनके पीछे छिपकर परमाणु हथियार बनाने और दुनिया को धमकाने” में सक्षम न रहे।
रुबियो ने कहा कि प्रगति लगातार हो रही है। “हम इस ऑपरेशन में समय-सीमा के अनुसार या उससे आगे हैं और उम्मीद है कि इसे उचित समय पर महीनों में नहीं, बल्कि कुछ हफ्तों में पूरा कर लिया जाएगा। प्रगति बहुत अच्छी है।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जमीनी सैनिकों की जरूरत नहीं होगी। इन लक्ष्यों को बिना किसी ग्राउंड टूप्स के हासिल किया जा सकता है। रुबियो ने ऑपरेशन के बाद संभावित जोखिमों की भी चेतावनी दी, खासकर होर्मुज स्ट्रेट में, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का एक महत्वपूर्ण मार्ग है। उन्होंने कहा कि ईरान वहां टोल प्रणाली लागू करने की कोशिश कर सकता है, जिसे उन्होंने “अवैध,” “अस्वीकार्य,” और “दुनिया के लिए खतरनाक” बताया।(IANS)





