नई दिल्ली (विश्व परिवार)। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज तक मुझे समझ नहीं आया कि राहुल गांधी जैसे बेवकूफ आदमी को विपक्ष का नेता कैसे बनाया गया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को अर्थव्यवस्था की समझ नहीं है और वे भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
पीयूष गोयल ने क्या कहा?
मीडिया से बात करते हुए गोयल ने कहा कि भारत की कॉटन (कपास) उत्पादन क्षमता और उसकी मांग आने वाले समय में बढ़ने वाली है। उन्होंने मौजूदा व्यापार नीति का बचाव करते हुए समझाया कि विदेश से कच्चा माल मंगाकर उसे भारत में प्रोसेस करना और फिर तैयार माल को एक्सपोर्ट करना कोई नई बात नहीं है।
उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था पहले से लागू फॉरेन ट्रेड पॉलिसी और SEZ (स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन) नीति का हिस्सा है। इस नीति के तहत कंपनियां कच्चा माल आयात (इंपोर्ट) कर सकती हैं और अगर उसे भारत में प्रोसेस करके दोबारा निर्यात (एक्सपोर्ट) किया जाए तो उस पर ड्यूटी नहीं लगती। गोयल का कहना है कि इससे देश में रोजगार के मौके बढ़ेंगे, किसानों और उनके परिवारों को भी फायदा होगा और टेक्सटाइल सेक्टर को मजबूती मिलेगी।
राहुल गांधी के आरोप क्या हैं?
इससे पहले लोकसभा में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इस डील से भारत के कपास किसानों और कपड़ा निर्यातकों को नुकसान हो सकता है। राहुल गांधी के अनुसार, भारतीय कपड़ों पर अमेरिका में 18% टैरिफ (शुल्क) लगता है। वहीं बांग्लादेश को 0% टैरिफ का फायदा मिलता है, अगर वह अमेरिका से कपास आयात करता है।
राहुल गांधी का कहना है कि अगर भारत भी ऐसा करता है और अमेरिकी कपास आयात करता है, तो इससे घरेलू किसानों को नुकसान हो सकता है। लेकिन अगर ऐसा नहीं करता, तो भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को 18% टैरिफ के कारण नुकसान उठाना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश भारत से कपास आयात कम करने या रोकने का संकेत दे रहा है, जिससे भारतीय उत्पादकों की स्थिति और कमजोर हो सकती है।
सोशल मीडिया पर भी उठाया मुद्दा
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर पूरी जानकारी देश के सामने नहीं रख रही है। उन्होंने कहा कि यह समझौता लाखों लोगों की रोज़गार स्थिति पर असर डाल सकता है और किसानों व निर्यातकों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है।
मुद्दे का सार
इस पूरे विवाद का केंद्र बिंदु भारत-अमेरिका ट्रेड डील में टैरिफ नियम और कपास आयात-निर्यात नीति है। सरकार का कहना है कि यह नीति रोजगार और उद्योग के लिए फायदेमंद है। विपक्ष का आरोप है कि इससे किसानों और टेक्सटाइल क्षेत्र को नुकसान हो सकता है। आने वाले समय में यह मुद्दा संसद और राजनीति में और गरमाने की संभावना है।





