दुर्ग (विश्व परिवार)। जिले में लंबे समय से चोरी-छिपे अफीम की खेती किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर पुलिस ने 6 मार्च को जेवरा सिरसा चौकी क्षेत्र के समोदा गांव में छापेमारी की, जहां खेत में अफीम की फसल पाई गई। प्रारंभिक जांच में करीब डेढ़ से दो एकड़ जमीन पर अफीम की खेती मिलने की पुष्टि हुई है।
बताया जा रहा है कि यह खेत समोदा और झेंजरी गांव की सीमा पर स्थित है। संबंधित भूमि खसरा नंबर 310 में दर्ज है, जिसके भूमि स्वामी मधुमति ताम्रकर और प्रीतिबाला ताम्रकर (पिता सीताराम) बताए गए हैं। इस खसरे में कुल 9 एकड़ 92 डिसमिल जमीन दर्ज है। शुरुआती अनुमान के मुताबिक करीब 4 से 5 एकड़ क्षेत्र में अफीम की खेती किए जाने की आशंका जताई जा रही है।
सरपंच ने भाजपा किसान मोर्चा अध्यक्ष पर लगाए आरोप
ग्राम समोदा के सरपंच अरुण गौतम ने आरोप लगाया है कि इस अवैध खेती में भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष विनायक ताम्रकर और बृजेश ताम्रकर शामिल हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिस पंच ने पुलिस को इसकी सूचना दी थी, उसके साथ मारपीट की गई। हालांकि भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा है कि उन्हें अफीम की खेती के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। उनका कहना है कि वे केवल अपने खेत का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उनका यह भी दावा है कि खेत में कुछ बाहरी, खासकर राजस्थान के लोग चोरी-छिपे अफीम की खेती कर रहे थे।
पुलिस ने की पूछताछ, जांच जारी
पुलिस ने इस मामले में विनायक ताम्रकर से भी पूछताछ की है। उनका कहना है कि उन्होंने जमीन अधिया (आधी फसल के बंटवारे) पर खेती के लिए दी थी और उन्हें अफीम की खेती के बारे में जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा कारणों से वे बिना अनुमति किसी को खेत में आने की अनुमति नहीं देते। सूचना मिलने पर पुलिस के साथ कलेक्टर और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और खेत में लगी फसल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके से नमूने भी एकत्र किए हैं। शुक्रवार शाम अंधेरा होने के कारण कार्रवाई रोक दी गई। अब शनिवार को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में रायपुर से आने वाली विशेषज्ञ टीम के साथ दोबारा जांच की जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी।





