नई दिल्ली (विश्व परिवार)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 26 मार्च 2026 से याउंडे में शुरू हुए विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के 14वें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने संगठन में पारदर्शी और समावेशी सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया।
डब्ल्यूटीओ के मूल सिद्धांतों को बनाए रखने पर जोर
सम्मेलन के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि डब्ल्यूटीओ में सुधार सदस्य-चालित, पारदर्शी और समावेशी प्रक्रिया के जरिए होने चाहिए, जिसमें विकास को केंद्र में रखा जाए। उन्होंने भेदभाव-रहित नीति, सर्वसम्मति आधारित निर्णय और निष्पक्षता जैसे मूल सिद्धांतों को बनाए रखने की अहमियत पर जोर दिया।
उद्घाटन सत्र में वैश्विक नेताओं की मौजूदगी
सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन कैमरून के व्यापार मंत्री की अध्यक्षता में हुआ, जिसमें डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक न्गोज़ी ओकोंजो-इवेला और कई देशों के व्यापार मंत्री शामिल हुए। भारत की ओर से वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने उद्घाटन सत्र में भाग लिया।
मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते पर भी हुआ कार्यक्रम
उद्घाटन सत्र के बाद 15 सितंबर 2025 से लागू मत्स्य पालन सब्सिडी समझौते के उपलक्ष्य में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें सदस्य देशों ने भाग लिया।
कैमरून के प्रधानमंत्री से मुलाकात, द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा
सम्मेलन के पहले दिन पीयूष गोयल ने डायोन न्गूटे जोसेफ से मुलाकात की। इस दौरान भारत-कैमरून सहयोग और अन्य द्विपक्षीय व बहुपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई।
कई देशों के साथ हुईं अहम बैठकें
पीयूष गोयल ने नीदरलैंड, फ्रांस और इथियोपिया के समकक्षों के साथ बैठक कर व्यापार संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। वहीं वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने चिली, पराग्वे, अमेरिका, नेपाल, फिलीपींस, सऊदी अरब, मेक्सिको, पेरू, रूस, न्यूजीलैंड और यूरोपीय संघ के प्रतिनिधियों के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
एफटीए वार्ताओं की प्रगति पर भी हुई चर्चा
चिली और पेरू के साथ भारत के मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत की प्रगति की समीक्षा की गई। वहीं यूरोपीय संघ और न्यूजीलैंड के साथ भी एफटीए वार्ताओं को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
औपचारिक स्वागत समारोह के साथ पहले दिन का समापन
सम्मेलन के पहले दिन का समापन कैमरून द्वारा आयोजित औपचारिक स्वागत समारोह और भव्य रात्रिभोज के साथ हुआ।





